कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हादसा, दो भारतीय छात्रों की मौत; मिशन ने दी जानकारी
टोरंटो। कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुए एक दुखद हवाई हादसे में दो भारतीय छात्रों की मौत हो गई। भारतीय मिशन ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना में तमिलनाडु के मनोज शिवकुमार और पुडुचेरी के श्रीसरन तिरुज्ञानसंबंधम की जान चली गई।
जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र कनाडा में पायलट बनने के लिए फ्लाइट ट्रेनिंग ले रहे थे। प्रशिक्षण के दौरान हुई इस दुर्घटना ने उनके परिवारों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
भारतीय मिशन ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतक छात्रों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मिशन की ओर से कहा गया कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
हवाई प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है, लेकिन कई बार तकनीकी कारणों, मौसम या अन्य परिस्थितियों के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इस घटना के बाद हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मनोज शिवकुमार तमिलनाडु के रहने वाले थे, जबकि श्रीसरन तिरुज्ञानसंबंधम पुडुचेरी से थे। दोनों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए कनाडा में प्रशिक्षण ले रहे थे। परिवारों को उम्मीद थी कि वे सफल पायलट बनकर अपने करियर में आगे बढ़ेंगे, लेकिन दुर्घटना ने उनके सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों छात्रों के परिवारों में शोक का माहौल है। परिजन अपने प्रियजनों को खोने के गम में हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है।
भारतीय छात्रों की बड़ी संख्या उच्च शिक्षा और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए विदेशों का रुख करती है। कनाडा भी भारतीय विद्यार्थियों के लिए एक प्रमुख गंतव्य रहा है। फ्लाइट ट्रेनिंग जैसे विशेष क्षेत्रों में भी भारतीय छात्र बड़ी संख्या में दाखिला लेते हैं।
भारतीय मिशन ने बताया कि वह मामले से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए हुए है। दुर्घटना से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
हादसे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना किस वजह से हुई। जांच एजेंसियां विमान, प्रशिक्षण प्रक्रिया और दुर्घटना से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करेंगी।
इस घटना ने विदेशों में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि विमानन प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन और नियमित निगरानी बेहद जरूरी होती है।
फिलहाल दोनों छात्रों के शवों को भारत लाने और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। भारतीय मिशन और स्थानीय प्रशासन परिवारों की मदद के लिए संपर्क में हैं।
मनोज शिवकुमार और श्रीसरन तिरुज्ञानसंबंधम की असमय मौत से उनके परिवारों और दोस्तों को गहरा आघात पहुंचा है। जिन युवाओं ने आसमान में उड़ान भरने का सपना देखा था, उनकी जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई।
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पूरा ध्यान मृतकों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने और जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने पर है।