इटली के स्कूलों में बुर्का-नकाब पर रोक की तैयारी, मेलोनी सरकार जल्द ले सकती है फैसला
नई दिल्ली: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर कैबिनेट जल्द फैसला कर सकती है और स्कूलों में चेहरा ढकने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। सरकार विदेशी छात्रों को लेकर भी नए नियम लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत कुछ विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इटैलियन भाषा सीखना जरूरी किया जा सकता है।
कैबिनेट के बाद संसद में जाएगा प्रस्ताव
मेलोनी ने रविवार को कहा कि स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने को लेकर सरकार जल्द प्रस्ताव पर फैसला करेगी। उनका कहना है कि स्कूलों में छात्रों का चेहरा ढका नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि परंपरा के नाम पर किसी व्यक्ति पर चेहरा ढकने का दबाव नहीं होना चाहिए। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए संसद में भेजा जाएगा। इसे 60 दिनों के भीतर संसद की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।
इटली में चेहरा ढकने को लेकर पहले से ही 1975 का कानून मौजूद है। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह चेहरा ढकना प्रतिबंधित है, जिससे व्यक्ति की पहचान छिप जाए। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में इसमें छूट का प्रावधान है।
धार्मिक कारण से चेहरा ढकने पर पहले से है कानूनी स्थिति
2008 में एक अदालत के फैसले में कहा गया था कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक या सांस्कृतिक कारणों से चेहरा ढकता है, तो सिर्फ इसी आधार पर उसे कानून का उल्लंघन करने वाला नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। अब मेलोनी सरकार स्कूलों के लिए बुर्का और नकाब को लेकर अलग नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। यह प्रस्ताव मौजूदा कानून के अलावा स्कूलों पर केंद्रित होगा।
विदेशी छात्रों को लेकर भी प्रस्तावित नियम
सरकार स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या को सीमित करने की योजना पर भी काम कर रही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ऐसे विदेशी छात्रों के माता-पिता को इटैलियन भाषा सीखनी होगी, जिनके बच्चों को स्कूल के माहौल में घुलने-मिलने और इटली की शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनने में परेशानी हो रही है।
फोंडाजियोने ISMU के मुताबिक, इटली के स्कूलों में करीब 9.3 लाख ऐसे छात्र हैं, जिनके पास इटली की नागरिकता नहीं है। यानी स्कूलों में हर 100 छात्रों में करीब 12 छात्र विदेशी नागरिकता वाले हैं। हालांकि पिछले 10 वर्षों में इटली में विदेशी नाबालिगों की कुल आबादी करीब 4.5% कम हुई है।
इमिग्रेशन के मुद्दे पर मेलोनी पर बढ़ रहा दबाव
इटली में इमिग्रेशन पहले से ही प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल है। देश में 2027 में आम चुनाव होने हैं। मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली यानी FdI को नेशनल फ्यूचर (FN) से चुनौती मिल रही है।
FN की ओर से मेलोनी की पार्टी की तुलना में ज्यादा सख्त इमिग्रेशन नीति की मांग की जाती है। इस पार्टी ने जुलाई में ही स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने की मांग की थी। FN का नेतृत्व रॉबर्टो वन्नाची करते हैं, जो इटली के पूर्व सेना जनरल हैं। उन्होंने 2026 में नेशनल फ्यूचर नाम से नई पार्टी बनाई थी।
कई देशों में चेहरे को पूरी तरह ढकने पर पाबंदी
बुर्का और नकाब पर रोक लगाने वाला इटली पहला देश नहीं होगा। फ्रांस और चीन समेत करीब 24 देशों में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले कपड़ों को लेकर अलग-अलग तरह की पाबंदियां लागू हैं।
यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स भी फ्रांस और बेल्जियम में सार्वजनिक जगहों पर बुर्का-नकाब पर लगी रोक को सही ठहरा चुका है। फ्रांस से जुड़े 2014 और बेल्जियम से जुड़े 2017 के फैसलों में अदालत ने लोगों के बीच आपसी मेलजोल बनाए रखने को ऐसी पाबंदी के आधारों में शामिल किया था।
हालांकि मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की ओर से इन प्रतिबंधों का विरोध किया गया है। इटली में अब मेलोनी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब को लेकर नया नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर होने के बाद संसद के सामने रखा जाएगा।