दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। उज्बेकिस्तान सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान की जनता और नेतृत्व का आभार जताते हुए भारत और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान मिलने के बाद कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि भारत के 140 करोड़ से अधिक लोगों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंध सदियों पुराने हैं और दोनों देशों की संस्कृति, परंपराओं और व्यापारिक संपर्कों ने हमेशा एक-दूसरे को जोड़े रखा है।
ताशकंद से पीएम मोदी का खास संदेश
ताशकंद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध आपसी विश्वास और साझी विरासत पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश शांति, विकास और समृद्धि के रास्ते पर मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा उज्बेकिस्तान को अपना करीबी मित्र और रणनीतिक साझेदार मानता है। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत मध्य एशिया के देशों के साथ अपने संबंधों को विशेष महत्व देता है। उज्बेकिस्तान इस क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों के बीच सहयोग आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी के योगदान को सराहा
उज्बेकिस्तान सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित करते हुए उनके नेतृत्व और दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने के प्रयासों की सराहना की गई। उज्बेकिस्तान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों में मजबूती आई है।
दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रिश्तों का उल्लेख करते हुए उज्बेकिस्तान के नेताओं ने कहा कि भारत और मध्य एशिया के बीच सदियों से व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता रहा है। आधुनिक समय में दोनों देश इन संबंधों को नई ऊर्जा देने का काम कर रहे हैं।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में बढ़ी मजबूती
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। दोनों देश रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान के विकास में भागीदार बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए नए अवसरों पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने डिजिटल इंडिया, बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपने अनुभवों और क्षमताओं को मित्र देशों के साथ साझा करने के लिए हमेशा तैयार है।
ऐतिहासिक रिश्तों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और उज्बेकिस्तान के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों की सभ्यताओं के बीच गहरा जुड़ाव रहा है। सिल्क रूट के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क विकसित हुए थे।
उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान की जनता के बीच आपसी सम्मान और अपनापन दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत है। यही भावना भविष्य में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगी।
वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने आतंकवाद, सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही।
भारत ने हमेशा मध्य एशिया के देशों के साथ बेहतर संपर्क और सहयोग को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मजबूत भारत-उज्बेकिस्तान संबंध पूरे क्षेत्र में शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सम्मान को बताया भारत की उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान को स्वीकार करते हुए कहा कि यह भारत और उज्बेकिस्तान की मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के करोड़ों लोगों के बीच विश्वास और सहयोग को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति, सरकार और वहां की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत हमेशा उज्बेकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और विभिन्न देशों के साथ मजबूत होते संबंधों को भी दर्शाता है। ताशकंद से दिए गए उनके संदेश में मित्रता, सहयोग और साझा विकास की भावना साफ दिखाई दी।
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