TMC की पार्किंग बनी कमाई का जरिया

Update: 2026-07-22 11:40 GMT
TMC. टीएमसी। डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों पर अब पार्किंग शुल्क भी भारी पडऩे लगा है। अस्पताल की पार्किंग में वाहनों के लिए प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क वसूला जा रहा है, जिसे लेकर मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि अस्पताल इलाज के लिए आते हैं, लेकिन पार्किंग शुल्क ऐसा है मानो किसी पर्यटन स्थल पर वाहन खड़ा किया हो। सोमवार को एक व्यक्ति को उसके वाहन नंबर की जगह अन्य वाहन की कटी पर्ची ही थमा दी गई, जब वाहन मालिक ने खेद जताया, तो उस शुल्क की पर्ची पर पुरानी गाड़ी का नंबर काट कर उसके वाहन का नंबर डाल कर दे दिया गया।
अस्पताल परिसर में लागू दरों के अनुसार एक घंटे के लिए 20 रुपए, 12 घंटे के लिए 200 रुपए और 24 घंटे के लिए 400 रुपए पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। कई मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें जांच, आपरेशन या गंभीर बीमारी के कारण घंटों अस्पताल में रुकना पड़ता है। ऐसे में पार्किंग शुल्क उनके इलाज के खर्च में अतिरिक्त बोझ बनकर सामने आ रहा है। इतना ही नहीं, पार्किंग व्यवस्था को लेकर लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं। कई वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें पार्किंग की जो पर्ची दी गई, उस पर उनकी गाड़ी का नंबर ही गलत दर्ज था। इससे वाहन निकालते समय विवाद और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड में वाहन का नंबर ही गलत होगा तो सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
जानकारी के अनुसार टांडा मेडिकल कालेज की इस पार्किंग में प्रतिदिन करीब 250 से 400 वाहन पार्क होते हैं। ऐसे में पार्किंग से प्रतिदिन अच्छी-खासी आय होने का अनुमान लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले अधिकांश लोग मजबूरी में आते हैं, इसलिए पार्किंग शुल्क मानवीय और रियायती होना चाहिए। बताया जा रहा है कि पार्किंग के ये शुल्क अस्पताल की रोगी कल्याण समिति आरकेएस द्वारा निर्धारित किए गए हैं। हालांकि मरीजों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आरकेएस को इन दरों की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए।
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