दृश्यम’ देख हत्या का बनाया प्लान, 2 हजार KM दूर से आया बेटा; एक फोन कॉल ने खोला राज
BIHAR बिहार: समस्तीपुर जिले में पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके 26 वर्षीय बेटे को गिरफ्तार किया है। हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव में 50 वर्षीय किसान रघुवीर सहनी की हत्या की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटे शिव शंकर सहनी ने फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित होकर हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। हालांकि, उसकी एक गलती ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
पुलिस के अनुसार, शिव शंकर गुजरात के सूरत में अपनी पत्नी के साथ रहता था। उसका अपने पिता के साथ विवाद चल रहा था। पिता और बहू के बीच भी अनबन की बात सामने आई है। इसके अलावा जमीन बेचने को लेकर पिता-पुत्र के बीच मतभेद होने की बात भी जांच में सामने आई।
बताया गया है कि 26 जुलाई की रात शिव शंकर करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर सूरत से अपने गांव पहुंचा। वह रात के समय घर के पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुआ। घर में रखी कुल्हाड़ी से उसने दरवाजे के पास सो रहे अपने पिता पर हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह वहां से निकल गया और वापस लौटने लगा।
‘दृश्यम’ से क्या आइडिया लिया?
पुलिस का कहना है कि शिव शंकर ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए मोबाइल फोन बंद कर दिया था। उसका कथित तौर पर मानना था कि मोबाइल बंद रहने से पुलिस को लगेगा कि वह सूरत में ही मौजूद है और उसके गांव आने की जानकारी सामने नहीं आएगी। लेकिन हत्या के बाद वापस लौटते समय उसने कुछ देर के लिए अपना मोबाइल फोन चालू कर दिया। इसी दौरान उसने अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत भी की। पुलिस ने जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर लोकेशन की जांच की तो उस समय शिव शंकर की लोकेशन पटोरी में मिली।
यह तकनीकी साक्ष्य पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। इससे पुलिस को पता चला कि आरोपी वारदात के समय अपने घर से काफी दूर सूरत में नहीं, बल्कि बिहार में मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और शिव शंकर को सूरत से गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शिव शंकर ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब हत्या की पूरी परिस्थितियों, विवाद की वजह और वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस मामले में एक और बात ने पुलिस का ध्यान खींचा। बताया गया है कि पिता की हत्या के बाद शिव शंकर उनके श्राद्ध कर्म में भी शामिल नहीं हुआ। इससे पुलिस का शक और गहरा हुआ।
यानी फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की गई, लेकिन मोबाइल फोन से की गई एक कॉल ने कथित तौर पर पूरा प्लान बिगाड़ दिया।