Bihar बिहार: बिहार के मोकामा में राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया नया डबल लाइन रेल पुल अब परिचालन में आ गया है। पुल को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद इस पर रेल संचालन शुरू कर दिया गया है। करीब 2,400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस रेल पुल को बिहार के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र के अनुसार, नए पुल के शुरू होने से यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही इस रेल मार्ग पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव कम करने में सहायता मिलेगी।
राजेंद्र सेतु के समानांतर बना पुल
मोकामा में गंगा नदी पर बने राजेंद्र सेतु के समानांतर नए रेल पुल का निर्माण किया गया है। डबल लाइन वाले इस पुल के शुरू होने से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता में इजाफा होगा। बिहार के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर रेल यातायात लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। नए पुल के जरिए एक साथ अधिक ट्रेनों के संचालन की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है। इससे यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों के परिचालन को भी अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
यात्री और माल परिवहन को मिलेगा फायदा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पुल के परिचालन में आने के बाद ट्रेनों की आवाजाही को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। डबल लाइन होने के कारण ट्रेनों को एक-दूसरे के गुजरने के लिए इंतजार करने की आवश्यकता कम हो सकती है, जिससे रेल परिचालन की क्षमता बढ़ेगी। माल परिवहन के लिहाज से भी यह पुल अहम माना जा रहा है। बिहार के अलग-अलग हिस्सों के साथ देश के अन्य क्षेत्रों के बीच माल की आवाजाही में रेल नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। नई रेल लाइन से मालगाड़ियों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
उत्तर-दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
नए पुल के शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। मोकामा क्षेत्र रेलवे के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और यहां अतिरिक्त रेल क्षमता विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में भी रेल परिचालन को लाभ मिल सकता है। रेलवे के अनुसार, परियोजना का मुख्य उद्देश्य मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना और यात्री तथा माल परिवहन को अधिक प्रभावी बनाना है। सुरक्षा मंजूरी के बाद परिचालन शुरू होना परियोजना के लिए महत्वपूर्ण चरण है।
नए पुल के परिचालन में आने के साथ रेलवे नेटवर्क में अतिरिक्त क्षमता जुड़ गई है। इससे आने वाले समय में बढ़ती रेल यातायात जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में भी इस परियोजना की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
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