Shimla. शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राजधानी शिमला के मेट्रोपोल स्थित विधायक सदन को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। सरकार इसके स्थान पर नए भवन का निर्माण करेगी जिसके लिए 38 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं और यदि 100 करोड़ रुपए की और जरूरत पड़ती है तो उसे भी जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने यह जरूर कहा कि वर्तमान में यहां विधायक या फिर कर्मचारी रह रहे हैं और अगर कोई हादसा हो जाए तो इसके लिए सरकार जि मेदार नहीं होगी बल्कि यह जि मेदार विधानसभा सचिवालय की होगी। CM विधानसभा में मैट्रोपोल समेत असुरक्षित सरकारी भवनों को लेकर विधायक विपिन परमार द्वारा पूछे सवाल का जवाब दे रहे थे। सीएम ने कहा कि इस भवन में पार्किंग को कार्ट रोड से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि इस भवन में रह रहे विधायकों और विधानसभा के कर्मचारियों को शि ट करने को कह दिया गया है और इन्हें इनटाइटलमेंट के हिसाब से कहीं और आवास मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन्हें किराए पर मकान लेने हैं तो सरकार 10 से 15 हजार रूपए पॉलिसी के तहत भी दे सकती है। सीएम ने कहा कि राजधानी के सर्कुलर रोड को चौड़ा करना है और इसके लिए भूमि और भवनों का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए जल्द प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले दो सालों में राज्यभर में 232 सरकारी कार्यालयों और सरकारी आवास भवनों को असुरक्षित घोषित कर इन्हें खाली करवाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिमला और चंबा जिलों में 135 हैरीटेज भवन घोषित किए हैं। जिलों में असुरक्षित घोषित किए गए भवनों को गिराने के लिए विभागाध्यक्ष और डीसी अधिकृत किए गए हैं और वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में समय-समय पर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुराने असुरक्षित भवनों को खुले बाजार में नीलामी प्रक्रिया से ढहाया जाता है।