Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के लाडसावंगी स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ऑपरेशन थिएटर के बाहर एक महिला डॉक्टर और नर्स के बीच कथित तौर पर हिंसक हाथापाई हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह विवाद डिलीवरी के लिए भर्ती एक महिला मरीज के मामले को लेकर शुरू हुआ। पिंपलखुटा गांव की रहने वाली पूजा कृष्णा हेकाडे को शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे प्रसव पीड़ा के चलते प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया था।



बताया जा रहा है कि इसी दौरान मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूनम मुंडे और नर्स सुकेशिनी साल्वे के बीच इस बात को लेकर विवाद हो गया कि डिलीवरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। यह बहस धीरे-धीरे बढ़ती गई और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों के बीच कथित रूप से हाथापाई हो गई।

ऑपरेशन थिएटर के बाहर हुई इस घटना ने अस्पताल में मौजूद अन्य स्टाफ और मरीजों को भी चौंका दिया। अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया और कामकाज प्रभावित हुआ।

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है और कहा है कि ऐसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं। लोगों का कहना है कि अस्पतालों में अनुशासन और समन्वय की कमी मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद करमाड पुलिस स्टेशन में दोनों महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल के स्टाफ तथा मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रशासन भी मामले की आंतरिक जांच कर रहा है।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों, जिम्मेदारियों के विभाजन और कार्यसंस्कृति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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