पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नशा तस्कर की 15 लाख की संपत्ति SAFEMA के तहत फ्रीज
छग
Raipur. रायपुर। कमिश्नरेट रायपुर पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे बहुआयामी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की गई है। मादक पदार्थ तस्कर रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो की लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की चल संपत्ति को SAFEMA के तहत फ्रीज (सीज) कर दिया गया है। यह कार्रवाई भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अधीन SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, मुंबई के आदेश के बाद की गई है। आरोपी रूपिन्दर सिंह, जो मूल रूप से पंजाब के तरणतारण जिले का निवासी है, वर्तमान में रायपुर के हीरापुर क्षेत्र में रह रहा था।
उसके खिलाफ थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 190/2025 के तहत NDPS एक्ट की धारा 21(बी), 29, बीएनएस की धारा 111 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। विशेष एनडीपीएस न्यायालय रायपुर ने उसे दोषी करार देते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई थी। दोषसिद्धि के बाद पुलिस ने आरोपी की अवैध आय और संपत्तियों की वित्तीय जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि आरोपी के नाम पर दो चारपहिया वाहन दर्ज हैं, जिनमें शेवरले क्रूज़ कार (लगभग 5 लाख रुपये) और महिंद्रा थार (लगभग 10 लाख रुपये) शामिल हैं। कुल मिलाकर इन दोनों वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी की घोषित आय और उसके द्वारा अर्जित संपत्तियों में बड़ा अंतर है।
संदेह के आधार पर यह माना गया कि ये संपत्तियां नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से अर्जित धन से खरीदी गई हैं। इसके बाद विस्तृत वित्तीय जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर मामला SAFEMA प्राधिकरण मुंबई को भेजा गया। सुनवाई के दौरान आरोपी और उसके परिजनों को संपत्ति के वैध स्रोत प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन वे संतोषजनक दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद 5 जून 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने इन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि कर दी। आदेश के अनुसार अब इन वाहनों को बिना अनुमति न तो बेचा जा सकेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकेगा।
यदि आरोपी संपत्ति के वैध स्रोत को साबित नहीं कर पाता है तो आगे की कार्रवाई में इन्हें स्थायी रूप से जब्त कर सरकार के पक्ष में समाहित किया जा सकता है। रायपुर पुलिस ने बताया कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी है। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में NDPS मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत आरोपियों की गिरफ्तारी, वित्तीय जांच, संपत्ति जब्ती, PIT-NDPS के तहत निरोधात्मक कार्रवाई और नशा तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं। यह कार्रवाई नशा कारोबारियों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है, जिसमें अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर भी सीधी कार्रवाई की जा रही है।