ओवरलोड ट्रकों से धसी सडक़, जगह-जगह क्रेक, मरम्मत के लिए कांक्रिट की खुदाई से दुर्घटनाएं बढ़ी
रायपुर/बिलासपुर। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे (NH-130) निर्माण के मात्र 5 साल के भीतर ही उखडऩे और खराब होने लगा है, समय समय पर हाई कोर्ट के मिले फटकार के बाद इसकी मरम्मत की गई लेकिन आज फिर सडक़ो की स्थिति खऱाब हो चुकी है। इसकी मरम्मत और टोल का जिम्मा निजी हाथों में सौंप दिया गया है लेकिन वसूली तो जमकर हो रही परन्तु मरम्मत और मेंटेनेंस के नाम पर कछुआ चाल है। रायपुर से बिलासपुर तक 127 किलोमीटर लंबी इस सडक़ का निर्माण 2020 में पूरा हुआ था, जिस पर करीब 1706 करोड़ रुपये की लागत आई थी। सडक़ की खराब हालत और रखरखाव को देखते हुए इसे 20 साल के लिए निजी कंपनी को सौंप दिया गया है, जो मरम्मत के साथ टोल वसूली भी कर रही है। इस मार्ग पर तरपोंगी और भोजपुरी में दो टोल नाके हैं। वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एनएचएआई (NHAI) ने इसे रायपुर से सिमगा तक 8-लेन और सिमगा से बिलासपुर तक 6-लेन में चौड़ा करने का फैसला किया है।
रायपुर-बिलासपुर हाइवे 5 साल में ही उखडऩे लगा जो न तो किसी अधिकारी को दिख रहा है और न ही किसी जनप्रतिनिधि को। पक्की सडक़ों पर दरारें और गड्ढे, गाडिय़ों की गडग़ड़ाहट के साथ अंधेरों की काली साया, ये कोई हॉरर फिल्म की बात नहीं बल्कि हम बात कर रहे हैं रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 की। दिन के समय तो इस नेशनल हाइवे रोड में दरारों और गड्ढों के कारण खतरे की आशंका बनी हुई होती है। वहीं, रात के समय इस रोड में खतरा और बढ़ जाता है। कई जगह पर तो स्ट्रीट लगी हैं, लेकिन वो भी बंद है। हाईवे शुरू होते ही अंधेरे का मंजर शुरू हो जाता है और ऊपर से सामने से आते गाडिय़ों के टायर लगते ही गाड़ी असंतुलित हो जाती है , रोड के किनारे एक साइड में गड्ढे खोद कर मरम्मत तो जरूर कर रहे हैं लेकिन अभी पानी भरने से गड्ढे का अंदाज़ ही नहीं होता और गाड़ी अनबैलेंस हो जाती है। वहांअपर लाइट के कारण रात में गाड़ी चलाना दूभर होता है।
लाइटें बंद पड़ी
कल किसी काम से जनता से रिश्ता के प्रतिनिधि को बिलासपुर जाना हुआ था। रायपुर से बिलासपुर पावहुंचते तक पूरे रास्ते भर बारिश हुई जो वापसी रायपुर आने तक भी जारी रही। बिलासपुर तक अँधेरा, रोड में मवेशी और गड्ढे ही नजऱ आये। जहां लगाई गई लाइटें बंद पड़ी हैं। वहीं, जगह-जगह मवेशियों का जमावड़ा भी नजर आया। रात में अंधेेरा, गड्ढा और मवेशी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकते हैं। रात के समय, हिर्री, बोदरी,चकरभाटा, सरगांव, टेमरी धनेली, सिमगा, चरोदा धरसींवा पहुंचते तक जगह जगह मवेशी दिखाई दिए।
नेशनल हाईवे में ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें ओवरब्रिज और चौक पर ही लगी हैं। लेकिन आधी से ज्यादा बंद हैं। यह नजारा हाईवे शुरू होने के साथ ही दिखाई देने लगता है। सिलतरा चौक हो या बिल्हा मोड़ हो या हिर्री के आगे हो यहाँ हमेशा लोग रोड क्रॉस करते रहते हैं। वहां भी लाइट के खंभे तो लगे हैं पर लाइट नहीं जलती। यही हाल पूरे बिलासपुर तक का है।
बीच रोड में घूमते मवेशी
नेशनल हाईवे से रोजाना गुजरने वाले लोगों के लिए रोड में मवेशियों का जमावड़ा देखना आम बात है। मवेशी रोड में घूमने के साथ ही बीच रोड में बैठे भी रहते हैं। जिसके कारण भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। वहीं, हाई कोर्ट ने सडक़ को मवेशी मुक्त करने की बात कही है लेकिन कोई भी सडक़ मवेशी मुक्त नहीं हो पा रही है।अभी तक एक भी मवेशी पालकों पर जुर्म दर्ज नहीं हुआ है इसी वजह से पशु पालक भी बेखौफ हो गए हैं।
गजब इत्तेफाक जहां रोड खऱाब वहीं अंधेरा
भोजपुरी टोलप्लाजा के पहले फ्लाईओवर, सरगांव के पास पथरिया रोड के आसपास,नांदघाट शिवनाथ नदी से पहले लिमतरा मोड़ भी खतरनाक एरिया माना जाता है क्योंकि रोड तो बीच से ही तीन से चार इंच तक ऊपर नीचे हो गया है जो दिन में भी लोगों को परेशान करने के साथ ही डर से भर देता है। रात के समय यहां पूरा अंधेरा होता है। जिसके कारण गाड़ी वाले अक्सर इन गड्ढों से धोखा खा जाते हैं। सडक़ के दोनों तरफ का हिस्सा खराब हो चुका है और इसमें रात में काफी धीमी गति से वहां चलाना मजबूरी हो जाती है। सिमगा ढाबे के पास लोगों से जब रोड पर चर्चा हुई तो उनका कहना था कि रात के समय गाड़ी की स्पीड कम हो गई है। क्योंकि रोड में गड्ढे हैं, अंधेरा भी रहता है और मवेशियों का जमावड़ा भी रहता है जिससे दुर्घटना की सम्भावना बानी रहती है। कई लोग मवेशियों के कारण अपनी जान भी गंवा चुके हैं,जिसके कारण भय रहता है कि कहीं खराब रोड या मवेशियों का झुण्ड सामने न आ जाए। इसलिए अब नेशनल हाईवे में भी गाड़ी की स्पीड कम करके चलाना पड़ता है। पहले रोड ठीक था तो समय से बिलासपुर या हाई कोर्ट जाकर वापस समय में रायपुर आ जाते थे लेकिन अभी ऐसी स्थिति नहीं है। रायपुर बिलासपुर हाइवे पर बहुत कम स्पीड में चलाना पड़ता है रात में तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
हाईवे में ओव्हर लोडिंग ट्रक यमराज बनकर दौड़ रहे
रायपुर -बिलासपुर हाइवे में सीमेंट, लोहा, कोयले, रेत औऱ अन्य कबाड़ी सामान से भरा ओव्हर लोडिंग ट्रक यमराज बनकर सरपट दौड़ रहे है। जो रोड और इंसान दोनो के लिए खतरे का सबब बने हुए हैं। रोड तो खराब कर ही रहे हैं इंसानों के भी जान ले रहे हैं। 8-9 टन की निर्धारित वजन भरने की क्षमता से अधिक कमाई करने के फेर में 10- 15 टन माल भरकर हाइवे में मौत बनकर दौड़ रहे है। हाइवे पेट्रोलिंग औऱ आरटीओ के अधिकारी फैक्ट्री प्रबंधन से हर माह निगरानी टैक्स वसूल कर इन ओव्हर लोडिंग ट्रकों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रशासन को सख्त एक्शन लेकर हाइवे में खड़े और दौडऩे वाले ओव्हर लोडिंग ट्रकों को राजसात कर फैक्ट्री प्रबंधन को सहआरोपी बनाना चाहिए ताकि हाइवे में चलने वाले निर्दोष की जान बचाई जा सके।
सरगांव के पास ट्रैक्टर की ठोकर से बाइक सवार दो युवकों की मौत
बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे-130 पर दर्दनाक सडक़ हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 1 बजे हुआ। भिलौनी निवासी भोला साहू, पिपरलोड निवासी सुखसागर यादव और बदरा निवासी सूरज यादव बाइक से किसी काम से रायपुर रोड की ओर जा रहे थे। चंद्रखुरी के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सडक़ पर गिर गए। हादसे में भोला साहू और सुखसागर यादव के सिर में गंभीर चोट आई। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, सूरज यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सडक़ पर दो शव पड़े होने के कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही सरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सूरज यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरगांव पहुंचाया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की सूचना मिलने पर मृतकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है। हादसे में ट्रैक्टर की रफ्तार, बाइक की स्थिति और दुर्घटना के अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है।