Jamui. जमुई। बिहार के जमुई जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चरकापत्थर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रुझनिया में नक्सलियों द्वारा बनाए गए अवैध स्मारक को सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों और उनके प्रतीकों को समाप्त करना है। जानकारी के अनुसार, यह अवैध स्मारक पंचायत रजौन के रुझनिया गांव में स्थित था, जो चरकापत्थर कैंप से लगभग 11 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण दिशा में आता है। बताया जाता है कि नक्सलियों ने इस स्मारक का निर्माण इलाके में दहशत फैलाने और अपने प्रभाव को बनाए रखने के उद्देश्य से किया था। सुरक्षा बलों ने पूरी योजना के साथ इस ढांचे को ध्वस्त किया।
इस संयुक्त अभियान का संचालन SSB की 16वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट शैलेश कुमार सिंह के दिशा-निर्देश पर किया गया, जबकि कंपनी कमांडर रोहित कुमार सिंह ने इसकी निगरानी की। कार्रवाई के दौरान चरकापत्थर थाना प्रभारी रंजीत कुमार और मजिस्ट्रेट मोहम्मद तारिक अनवर भी मौके पर मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई को बेहद सतर्कता और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षाबलों ने बताया कि इस ऑपरेशन में SSB और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिसके चलते अभियान सफल रहा। टीम ने बिना किसी बाधा के अवैध स्मारक को पूरी तरह नष्ट कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से नक्सलियों के मनोबल पर सीधा असर पड़ता है और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बहाल करने में मदद मिलती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में 16 अक्टूबर 2025 को SSB द्वारा डी-माइनिंग और सर्च अभियान चलाया गया था। उस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। बरामद सामान में मस्कट, देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, जिलेटिन रॉड, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, वायर और सेफ्टी फ्यूज शामिल थे। इस कार्रवाई ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को विफल कर दिया था। सुरक्षा बलों का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या प्रतीक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
SSB ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा, शांति और विकास को सुनिश्चित करना भी है। इस अभियान के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या सुरक्षा बलों को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने और विकास को गति देने के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा है कि इससे क्षेत्र में भय का माहौल कम होगा और विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। लगातार हो रही इस तरह की संयुक्त कार्रवाइयों से जमुई जिले को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति देखी जा रही है।