कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक कारोबारी की हत्या की साजिश किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उनकी बहू शालू ने रची थी। आरोप है कि ससुर की रोक-टोक और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों से परेशान होकर बहू ने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम को **छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी** दी थी। विशाल ने अपने साथी राजकिशोर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शालू समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
फ्लैट में खून से लथपथ मिला था कारोबारी
63 वर्षीय विनीत मिनोचा कानपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह शहर के प्रमुख दवा कारोबारियों में शामिल थे। रविवार तड़के उनका शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला था।
हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू की। शुरुआत में मामला लूट या किसी पुरानी रंजिश से जुड़ा लग रहा था, लेकिन घर से कोई कीमती सामान गायब नहीं मिलने के कारण पुलिस का शक दूसरी दिशा में गया। इसके बाद अपार्टमेंट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
CCTV ने खोला हत्याकांड का राज
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में मृतक का पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की और बाद में उन्हें मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में विशाल ने कथित तौर पर बताया कि उसने विनीत की हत्या उनकी बहू शालू के कहने पर की थी। इसके बदले छह लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। यह जानकारी सामने आते ही पुलिस ने शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
घर में CCTV लगाने से नाराज थी बहू
पुलिस के अनुसार पूछताछ में शालू ने कथित तौर पर बताया कि वह ससुर की लगातार रोक-टोक से परेशान थी। विनीत ने घर के अंदर दो सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे, जिससे घर की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी।
आरोप है कि कपड़े पहनने, बाहर जाने और खर्च करने जैसी बातों को लेकर भी विनीत बहू को टोकते थे। शालू का कहना था कि इससे उसकी निजी जिंदगी प्रभावित हो रही थी। पुलिस के मुताबिक इसी नाराजगी के चलते उसने ससुर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुराने नौकर को सौंपी हत्या की जिम्मेदारी
विशाल पहले विनीत की दवा दुकान पर काम करता था। चोरी के आरोप के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था, लेकिन परिवार से उसका संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। वह छोटे-मोटे कामों के लिए घर आता-जाता था।
पुलिस के मुताबिक इसी पुराने परिचय का फायदा उठाकर हत्या की योजना बनाई गई। विशाल के साथ राजकिशोर को भी साजिश में शामिल किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को फ्लैट तक पहुंचाने में कथित तौर पर बहू ने मदद की। सुरक्षा कर्मियों को गलत नाम बताकर प्रवेश कराने और घर की चाबी उपलब्ध कराने जैसे तथ्य पुलिस की जांच में अहम साबित हुए।
परिवार के बाहर जाते ही घर में पहुंचे आरोपी
पुलिस जांच के मुताबिक शनिवार रात करीब 9:36 बजे विनीत का बेटा सुब्रत, बहू शालू और उनका बच्चा पार्टी के लिए घर से निकले थे। इसके कुछ देर बाद आरोपी फ्लैट में पहुंचे और कारोबारी के वापस आने का इंतजार करने लगे।
करीब 10:58 बजे विनीत घर लौटे। इसके बाद उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। सुबह परिवार घर वापस आया तो विनीत का शव मिला और पुलिस को सूचना दी गई।
बातचीत और एंट्री के सुराग से घिरी बहू
पुलिस के मुताबिक जांच में शालू और विशाल के बीच बातचीत, अपार्टमेंट में आरोपियों की एंट्री और घर तक पहुंचने से जुड़े कई सुराग सामने आए। जब इन तथ्यों को शालू के सामने रखा गया तो उसने कथित तौर पर हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक पुलिस ने बहू को हत्या की साजिश का आरोपी बनाया है। विशाल और राजकिशोर को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
इस मामले में पुलिस के दावे और आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोपियों के खिलाफ अपराध अदालत में साबित होना बाकी है।