लखनऊ। गोसाईंगंज क्षेत्र के शिवलर चौराहे के पास स्थित चक्रवर्ती आई हॉस्पिटल में गुरुवार दोपहर अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। अस्पताल परिसर से धुआं उठता देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, जिसके बाद दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। चक्रवर्ती आई हॉस्पिटल गोसाईंगंज के शिवलर चौराहा क्षेत्र में स्थित है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गोसाईंगंज फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को दोपहर करीब 3 बजकर 27 मिनट पर अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक MFE यूनिट को घटनास्थल के लिए रवाना किया। फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही समय में अस्पताल पहुंच गई और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया।
अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर आग लगने की सूचना मिलने के बाद फायर विभाग ने तेजी से कार्रवाई की। टीम ने मौके पर पहुंचते ही आग वाले हिस्से का जायजा लिया और आग को फैलने से रोकने के लिए पानी की बौछार शुरू की। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
आग लगने के बाद अस्पताल के अंदर मौजूद मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों के बीच कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। अचानक धुआं दिखाई देने के कारण लोग सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी लोगों को आग वाले हिस्से से दूर रखने की कोशिश की गई।
फायरकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले आग के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास किया। अस्पताल में चिकित्सा उपकरण और बिजली से जुड़ा सामान मौजूद होने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम को सावधानी के साथ कार्रवाई करनी पड़ी। आग आसपास के दूसरे हिस्सों तक न पहुंचे, इसके लिए दमकलकर्मियों ने अलग-अलग दिशा से पानी डालकर आग को नियंत्रित करने की कोशिश की।
फिलहाल आग किस हिस्से में सबसे पहले लगी और इसके पीछे क्या कारण था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। शॉर्ट सर्किट, बिजली के उपकरण में खराबी या किसी अन्य वजह से आग लगी, इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों की ओर से आग के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने की संभावना है।
घटना में किसी मरीज या कर्मचारी के घायल होने की आधिकारिक जानकारी प्रारंभिक स्तर पर सामने नहीं आई है। आग बुझाने की कार्रवाई के साथ-साथ यह भी देखा गया कि अस्पताल में मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं या नहीं। नुकसान का वास्तविक आकलन भी आग पूरी तरह नियंत्रित होने और निरीक्षण के बाद ही किया जा सकेगा।
शिवलर चौराहा गोसाईंगंज क्षेत्र का व्यस्त इलाका है। अस्पताल में आग लगने की खबर मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ने के कारण राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लोगों को घटनास्थल से दूरी बनाए रखने को कहा गया।
फायर विभाग के लिए अस्पताल में आग की घटनाएं सामान्य इमारतों की तुलना में अधिक संवेदनशील मानी जाती हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीज भी मौजूद हो सकते हैं जिन्हें तुरंत बाहर निकालना आसान नहीं होता। इसके अलावा मेडिकल उपकरण, बिजली की वायरिंग और अन्य सामग्री के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में समय पर फायर ब्रिगेड को सूचना मिलना राहत की बात रही।
दोपहर 3:27 बजे सूचना मिलने के बाद MFE यूनिट को तुरंत भेजे जाने से आग पर शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई शुरू की जा सकी। दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचते ही पानी की लाइन लगाई और अस्पताल के उस हिस्से तक पहुंचने की कोशिश की जहां से धुआं और आग दिखाई दे रही थी।
घटना के बाद अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है। इसमें फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति देखी जा सकती है। हालांकि इस मामले में फायर विभाग की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह साफ होगा कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों की स्थिति क्या थी।
स्थानीय स्तर पर आग लगने की सूचना तेजी से फैल गई। आसपास मौजूद लोगों ने भी फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले स्थिति को समझने और अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की मदद करने की कोशिश की। दमकल विभाग के पहुंचने के बाद राहत कार्य पूरी तरह फायरकर्मियों ने संभाल लिया।
आग के कारण अस्पताल की सेवाएं कितनी प्रभावित हुई हैं, इस बारे में भी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। आग यदि किसी विशेष कमरे या हिस्से तक सीमित रही तो सामान्य सेवाएं जल्द शुरू हो सकती हैं, लेकिन यदि बिजली या अन्य जरूरी व्यवस्था प्रभावित हुई है तो अस्पताल प्रशासन को मरम्मत का काम करना पड़ सकता है।
फायर विभाग घटना के बाद आग लगने के कारणों, नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर सकता है। अस्पताल प्रबंधन से भी आवश्यक जानकारी ली जाएगी। अभी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाने और परिसर को सुरक्षित घोषित करने की रही।
गोसाईंगंज के चक्रवर्ती आई हॉस्पिटल में हुई इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने रखा है। समय पर सूचना मिलने और फायर ब्रिगेड की टीम के पहुंचने से स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई तुरंत शुरू हो सकी। फिलहाल आग से हुए नुकसान और इसके वास्तविक कारण के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।