चेन्नई। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान के इंजन में तकनीकी खराबी का पता चलने से 186 यात्रियों की चिंता बढ़ गई। पायलट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और विमान को वापस चेन्नई एयरपोर्ट लाने का फैसला किया। एयरपोर्ट पर आपातकालीन इंतजाम किए गए और विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
मामला सोमवार को चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान से जुड़ा बताया गया है। विमान अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना हुआ था, लेकिन उड़ान के दौरान चालक दल को इंजन से संबंधित तकनीकी समस्या का संकेत मिला।
उड़ान के दौरान सामने आई खराबी
जानकारी के मुताबिक विमान ने चेन्नई एयरपोर्ट से सामान्य तरीके से उड़ान भरी थी। कुछ समय बाद पायलट को इंजन के संचालन में तकनीकी समस्या का पता चला। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चालक दल ने आगे की यात्रा जारी रखने के बजाय चेन्नई लौटने का फैसला किया।
पायलट ने तत्काल चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल को स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद विमान को प्राथमिकता के आधार पर उतरने की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
उड़ान सुरक्षा के नियमों के मुताबिक इंजन या विमान की किसी महत्वपूर्ण प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिलने पर पायलट स्थिति का आकलन कर निकटतम उपयुक्त एयरपोर्ट पर विमान उतार सकता है।
एयरपोर्ट पर घोषित की गई इमरजेंसी
विमान की वापसी की सूचना मिलने के बाद चेन्नई एयरपोर्ट प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी। रनवे के आसपास दमकल और मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया।
ग्राउंड स्टाफ को भी अलर्ट किया गया, ताकि लैंडिंग के बाद जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। कुछ देर बाद विमान ने चेन्नई एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
विमान के सुरक्षित उतरते ही एयरपोर्ट प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली। किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
विमान में सवार थे 186 यात्री
विमान में कुल **186 यात्री** सवार बताए गए हैं। इंजन में तकनीकी समस्या की जानकारी सामने आने के बाद यात्रियों के बीच स्वाभाविक रूप से चिंता का माहौल था। हालांकि चालक दल ने स्थिति को नियंत्रित रखा और यात्रियों को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए।
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को नीचे उतारा गया। इसके बाद विमान को तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया।
तकनीकी टीम ने शुरू की जांच
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद एयरलाइन की इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस टीम ने विमान की जांच शुरू की। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि इंजन में समस्या किस वजह से आई और क्या विमान को दोबारा उड़ान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
आमतौर पर इस तरह की तकनीकी समस्या के बाद विमान को तभी दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाती है, जब इंजीनियरिंग टीम आवश्यक जांच पूरी कर उसे सुरक्षित घोषित कर दे।
यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया भी एयरलाइन की ओर से की जाती है।
पायलट की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
उड़ान के दौरान किसी भी तकनीकी खराबी को गंभीरता से लिया जाता है। इस मामले में पायलट ने समस्या का संकेत मिलते ही आगे की उड़ान जारी रखने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया।
विमानन विशेषज्ञों के मुताबिक इमरजेंसी लैंडिंग का अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि विमान तत्काल दुर्घटना के खतरे में था। कई बार तकनीकी समस्या या किसी संभावित खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर इमरजेंसी घोषित की जाती है, ताकि विमान को रनवे पर प्राथमिकता मिले और सभी सुरक्षा एजेंसियां पहले से तैयार रहें।
सभी यात्रियों के सुरक्षित होने से राहत
घटना के बाद सबसे बड़ी राहत यह रही कि विमान में सवार सभी 186 यात्री सुरक्षित हैं। एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद आपातकालीन टीमों को किसी बड़े बचाव अभियान की जरूरत नहीं पड़ी।
अब तकनीकी जांच के बाद ही इंजन में आई खराबी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। घटना ने एक बार फिर विमानन क्षेत्र में नियमित तकनीकी जांच और उड़ान के दौरान चालक दल की सतर्कता के महत्व को रेखांकित किया है।
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