Hospice. धर्मशाला। जिला कांगड़ा के ग्रामीणों का पिछले चार महीनों से चला आ रहा लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। पंचायती राज चुनाव के पहले चरण में जिला की 287 ग्राम पंचायतों को उनके नए प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य मिल गए हैं। मंगलवार को हुआ यह मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और बेदाग संपन्न हुआ। ग्रामीण सरकार चुनने के लिए सुबह से ही लोगों में भारी उत्साह देखा गया।
जैसे ही धूप खिली, पोलिंग बूथों पर मतदाताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रशासन के पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के बीच ग्रामीणों ने बिना किसी डर के अपने मत का प्रयोग किया और लोकतंत्र के इस उत्सव को ऐतिहासिक बना दिया। इस बार के चुनाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि महिलाओं और युवाओं की रिकॉर्ड भागीदारी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों के मुकाबले महिला शक्ति का पलड़ा भारी रहा। वहीं, पहली बार वोट डालने पहुंचे नव-मतदाताओं का जोश भी देखने लायक था। युवाओं ने मतदान के तुरंत बाद उंगली पर लगी अमिट स्याही के साथ जमकर सेल्फी ली और विक्ट्री साइन के साथ इन्हें सोशल मीडिया पर शेयर किया।
शाम को मतदान प्रक्रिया समाप्त होते ही पोलिंग बूथों पर ही मतगणना का काम शुरू कर दिया गया। देर शाम से लेकर आधी रात तक जैसे-जैसे नतीजे सामने आते गए, गांवों में जश्न का माहौल बनता गया। कई जगह तो परिणाम निकलते निकलते सुबह हो गई। कई पंचायतों में जहां कांटे की टक्कर देखने को मिली, वहीं कुछ दिग्गजों ने एकतरफा जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। आधिकारिक घोषणा होते ही विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। देर रात तक गांवों में आतिशबाजी होती रही, मिठाइयां और ढोल-नगाड़ों की थाप पर समर्थकों ने जमकर भांगड़ा डाला।