Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कोसा में करीब दो महीने पहले हुए युवक हत्याकांड की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है। अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच नए सिरे से शुरू करने का फैसला लिया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने हत्याकांड के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में 9 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। पुलिस को उम्मीद है कि नई टीम तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की नए सिरे से पड़ताल कर अज्ञात आरोपी तक पहुंचने में कामयाब होगी।
27 से 29 जून के बीच हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में 27 जून 2026 से 29 जून 2026 के बीच एक युवक की अज्ञात आरोपी ने हत्या कर दी थी। मामले में मुलमुला थाना में अपराध क्रमांक 249/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की थी। घटना के बाद से पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थीं, लेकिन अब तक हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अब जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
एसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ग्राम कोसा पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके की परिस्थितियों को समझने के साथ-साथ अब तक की विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की। एसपी ने जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को मामले की विवेचना नए सिरे से और अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच करने और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने पर जोर दिया।
ASP के नेतृत्व में 9 सदस्यीय SIT
अज्ञात आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर डॉ. यूलैंडन यार्क के नेतृत्व में 9 सदस्यीय नई SIT गठित की गई है। टीम को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। SIT में डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह (SDOP अकलतरा), निरीक्षक शिवानंद सिंह (थाना प्रभारी मुलमुला), निरीक्षक भास्कर शर्मा (थाना प्रभारी साइबर जांजगीर), प्रधान आरक्षक 402 रूद्रनारायण कश्यप, प्रधान आरक्षक 347 राजकुमार चंद्रा, आरक्षक 655 प्रदीप दुबे, आरक्षक 232 शहबाई अहमद, आरक्षक 464 रामगोपाल भारती और आरक्षक 954 ओमप्रकाश डहरिया शामिल हैं।
तकनीकी साक्ष्यों पर भी फोकस
नई SIT घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्यों के साथ तकनीकी साक्ष्यों, संदिग्ध व्यक्तियों और घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच करेगी। पुलिस का प्रयास है कि अब तक सामने आए सभी तथ्यों को आपस में जोड़कर हत्या की पूरी कड़ी को समझा जाए। पुलिस के अनुसार घटना की परिस्थितियों को और स्पष्ट करने के लिए घटनास्थल का रीक्रिएशन भी कराया जाएगा। इससे हत्या से पहले और बाद की परिस्थितियों तथा घटना के संभावित क्रम को दोबारा समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कोसा में खुलेगा पुलिस चेक पोस्ट
ग्राम कोसा और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के लिए जल्द ही पुलिस चेक पोस्ट शुरू किया जाएगा। इससे क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी। पुलिस का कहना है कि चेक पोस्ट शुरू होने से अपराध की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। अब नई SIT के सामने सबसे बड़ी चुनौती करीब दो महीने पुराने इस हत्याकांड के अनसुलझे पहलुओं को जोड़कर अज्ञात आरोपी तक पहुंचना है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मामले की नए सिरे से और गहन जांच कर जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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