PM आवास के बाहर कांग्रेस ने मंगवाई कुर्सियां

लंबे प्रोटेस्ट की तैयारी में कांग्रेस

Update: 2026-07-21 12:56 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के पास धरने पर बैठ गए। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के खिलाफ आंदोलन बताया है। धरना स्थल पर लंबे समय तक प्रदर्शन की तैयारी को देखते हुए बड़ी संख्या में कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने "प्रधानमंत्री इस्तीफा दो" के नारे लगाए और छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पार्टी ने इस मामले में केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों पर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ कठोर रवैया अपनाया जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धरने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें भी जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद के अंदर भी विपक्ष को छात्रों के मुद्दे पर चर्चा करने का मौका नहीं दे रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब संसद में विपक्ष की बात नहीं सुनी जाती, तो लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दों को सामने रखने के लिए सड़क पर उतरना पड़ता है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी जा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद उन्हीं युवाओं का प्रतिनिधित्व करती है, जिनके साथ कथित तौर पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि छात्रों की समस्याओं को सुना जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
धरना स्थल पर कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई सांसद और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि वे प्रधानमंत्री से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास तक अपनी बात पहुंचाने आए सांसदों को हिरासत में लिया गया। वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और उनसे प्रधानमंत्री आवास के पास चल रहे धरने को खत्म करने का आग्रह किया। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों को दोहराते हुए प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि छात्रों के साथ क्या हुआ होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन और मणिक्कम टैगोर ने भी आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी सांसदों को छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए कांग्रेस नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचकर अपनी आवाज उठानी पड़ रही है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में कई मांगें रखी हैं। इनमें छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई की जांच, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कार्रवाई, शिक्षा मंत्री से इस्तीफा और गृह मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग शामिल है। पार्टी का कहना है कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। दूसरी ओर, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने जहां इसे युवाओं की आवाज का आंदोलन बताया है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से अभी इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का यह प्रदर्शन केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को एक बार फिर सामने ला रहा है।
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