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'प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों'...राहुल गांधी ने देशवासियों से की अपील

jantaserishta.com
21 July 2026 5:34 PM IST
प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों...राहुल गांधी ने देशवासियों से की अपील
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अब गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे जितेंद्र सिंह.

नई दिल्ली: नई दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, दीपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में लोगों से प्रधानमंत्री आवास के सामने चल रहे धरने में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और उनकी आवाज़ को अनदेखा नहीं किया जा सकता. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, "छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है. प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा."
उन्होंने आगे कहा, "मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं, जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, वह प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हो. भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता." राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च और धरना-प्रदर्शन कर रही है. पार्टी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग कर रही है.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे रहे हैं. वह अभी-अभी कांग्रेस के धरना प्रदर्शन स्थल से लौटे है. यहां उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत की है.
बड़े राजनीतिक अभियान में बदलना चाहती है कांग्रेस
कांग्रेस अब NEET पेपर लीक के मुद्दे पर संसद की सीमा लांघकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग तक मोर्चा खोल दिया है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत तमाम शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने इस प्रदर्शन के जरिये इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के बहस से जोड़ दिया है.
इससे साफ संकेत गया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल शैक्षणिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर बड़े राजनीतिक अभियान में बदलना चाहती है.
जब इस मामले में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का प्रदर्शन चला तो कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से मांग की थी कि इस प्रदर्शन में कांग्रेस को भी शामिल होना चाहिए.
लेकिन इस आंदोलन में पहुंचने के बजाय कांग्रेस ने खुद इस आदोंलन को लीड करने की रणनीति बनाई और टॉप लीडरशिप के साथ सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर तक पहुंच गई.
इससे कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह इस मामले की जिम्मेदारी सीधे शीर्ष नेतृत्व से तय करने की मांग कर रही है. पार्टी का आरोप है कि परीक्षा सिस्टम में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां युवाओं के भरोसे को तोड़ रही हैं और केंद्र सरकार जवाब देने से बच रही है.
जंतर-मंतर पर दूसरी पार्टियों का जमावड़ा
जब कांग्रेस का आलाकमान इस मामले पर पीएम मोदी के घर के सामने धरने पर बैठा है तो दूसरी राजनीतिक पार्टियां अपनी हाजिरी जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के धरना स्थल पर लगा रही हैं. मंगलवार को ही एनसीपी बॉस शरद पवार, सुप्रिया सुले जंतर मंतर पहुंचे और अभिजीत दिपके से मुलाकात की. दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल भी आज जंतर-मंतर पहुंचे हैं. बुधवार को उद्धर ठाकरे जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं. समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव सोमवार को ही छात्रों के आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले चुकी हैं.
कांग्रेस इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, जबकि सरकार इसे कानून और जांच के जरिए सुलझाने की बात कह रही है. आने वाले दिनों में यह टकराव सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकता है.
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