BIG BREAKING: तेलंगाना में 42 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

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Update: 2026-04-10 12:34 GMT
Hyderabad. हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित DGP कार्यालय में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां कुल 42 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस मौके पर तेलंगाना के DGP बी. शिवधर रेड्डी स्वयं उपस्थित रहे। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया, जिसे राज्य की सुरक्षा एजेंसियां एक बड़ी उपलब्धि मान रही हैं। इस अवसर पर DGP बी. शिवधर रेड्डी ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और जो कुछ लोग बचे हैं, उन्हें भी लगातार अभियान के तहत पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में नक्सलियों की संख्या लगभग 125 के आसपास थी, जो अब घटकर केवल 5 के आसपास रह गई है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।


DGP ने बताया कि आज हुए सामूहिक आत्मसमर्पण में 42 नक्सलियों ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष हथियार डाले हैं। यह कदम लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों, पुलिस दबाव और पुनर्वास नीति के प्रभाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति का उद्देश्य नक्सलियों को सुधार का अवसर देना और उन्हें समाज में पुनः स्थापित करना है। आत्मसमर्पण के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और कीमती सामान बरामद किया है। बरामद सामग्री में सोना और अन्य संदिग्ध वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बरामदगी संगठन की गतिविधियों और उनकी आर्थिक स्थिति को भी दर्शाती है। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से विभिन्न उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय थे।

ये लोग जंगल और सीमावर्ती इलाकों में संगठन के लिए काम कर रहे थे और कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। लेकिन लगातार बढ़ते दबाव, सुरक्षा अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण उन्होंने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। तेलंगाना पुलिस ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को एक बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे राज्य में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। सरेंडर के बाद सभी नक्सलियों को पुनर्वास प्रक्रिया के तहत लाया जाएगा। पुलिस ने बताया कि उन्हें सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार मुख्यधारा में जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल भी बढ़ा है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना है, क्योंकि लगातार चल रहे अभियानों से संगठन कमजोर हो रहा है। DGP बी. शिवधर रेड्डी ने अंत में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं है, बल्कि उन लोगों को भी एक अवसर देना है जो हिंसा छोड़कर समाज में लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों का स्वागत किया जाएगा और उन्हें पुनर्वास के सभी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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