Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों में कथित तौर पर चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ स्थानीय रहवासियों ने टॉर्च लाइट मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि जिन भूखंडों का आवंटन आवासीय उपयोग के लिए किया गया था, वहां कुछ लोगों द्वारा निजी लाभ के लिए व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इससे पूरे रिहायशी क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। टॉर्च मार्च में शामिल एक स्थानीय निवासी ने कहा कि लोगों ने इन प्लॉट्स को आवासीय उद्देश्य से लिया था, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने निजी फायदे के लिए यहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दीं। उनके मुताबिक, इन गतिविधियों के कारण रिहायशी परिसर का वातावरण काफी बदल गया है और लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रहवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने से क्षेत्र की मूल प्रकृति प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि जिस उद्देश्य से जमीन का आवंटन किया गया था, उसका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मास्टर प्लान और भूमि उपयोग के निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं और उसका स्वागत करते हैं। साथ ही उन्होंने नगर निगम से अपील की कि जिस उद्देश्य के लिए जमीन आवंटित की गई थी, उसी के अनुरूप उसका इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। रहवासियों का कहना है कि मास्टर प्लान में निर्धारित प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए, ताकि आवासीय क्षेत्रों में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
स्थानीय लोगों ने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि रिहायशी क्षेत्रों की मूल व्यवस्था और पर्यावरण को बनाए रखने के लिए है। उनका कहना है कि यदि आवासीय इलाकों में लगातार व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में ट्रैफिक, पार्किंग, शोर और अन्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। रहवासियों ने नगर निगम से मामले की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मास्टर प्लान के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने की अपील की है।