Tripura त्रिपुरा: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और टिपरा मोथा के बीच राजनीतिक गठबंधन को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि दोनों दल 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद से गठबंधन में हैं और वर्तमान में एक ही सरकार का हिस्सा हैं। जितेंद्र चौधरी ने कहा कि अब यह बात राज्य की जनता के सामने स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी और टिपरा मोथा पार्टी के बीच 2023 के विधानसभा चुनाव से ही गठबंधन है। उनके मुताबिक, दोनों दल राज्य में सत्ता साझा कर रहे हैं और मंत्रिपरिषद में भी एक-दूसरे के साथ हैं।
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि BJP और टिपरा मोथा सत्ता में भागीदारी के साथ-साथ राज्य सरकार और स्वायत्त जिला परिषद (ADC) से जुड़े राजनीतिक लाभ भी हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दलों की राजनीतिक भूमिका को अब अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता, क्योंकि वे सत्ता व्यवस्था में एक साथ काम कर रहे हैं। जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि दोनों दलों का गठबंधन मुख्य रूप से सत्ता पर पकड़ बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता के सामने अब यह स्पष्ट हो चुका है कि दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब त्रिपुरा में सत्तारूढ़ गठबंधन को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। विपक्षी दल राज्य सरकार की नीतियों और राजनीतिक गठजोड़ को लेकर भाजपा पर निशाना साधते रहे हैं। वहीं, सत्तारूढ़ दलों की ओर से राज्य के विकास और प्रशासनिक कामकाज को अपनी प्राथमिकता बताया जाता है। त्रिपुरा में 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी थी। टिपरा मोथा ने बाद में सरकार के साथ राजनीतिक समझ और सहयोग का रास्ता अपनाया। राज्य की राजनीति में टिपरा मोथा का प्रभाव विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण माना जाता है। जितेंद्र चौधरी के ताजा बयान के बाद त्रिपुरा की राजनीति में एक बार फिर BJP और टिपरा मोथा के संबंधों को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। विपक्ष जहां दोनों दलों के गठबंधन को सत्ता की राजनीति से जोड़ रहा है, वहीं आने वाले समय में सत्तारूढ़ पक्ष की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।