फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर AIMSS ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
Delhi दिल्ली। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने बांग्लादेश में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में एआईएमएसए ने भारत सरकार से तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि मौजूदा हालात में बांग्लादेश में रह रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की स्थिति बेहद असुरक्षित और चिंताजनक बनी हुई है। एआईएमएसए ने पत्र में बताया कि संगठन को लगातार बांग्लादेश में पढ़ रहे मेडिकल छात्रों और उनके परिजनों से गंभीर और परेशान करने वाली जानकारियां मिल रही हैं। छात्रों का कहना है कि वहां के हालात अस्थिर हैं और वे लगातार डर, तनाव और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिता रहे हैं। इस स्थिति ने न केवल छात्रों, बल्कि भारत में रह रहे उनके परिवारों को भी गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है।
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय छात्र जब विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं, तो उन्हें भारत सरकार पर पूरा भरोसा होता है। उन्हें यह विश्वास रहता है कि किसी भी संकट की घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। एआईएमएसए ने लिखा कि मौजूदा परिस्थितियों में बांग्लादेश में फंसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक पहल और ठोस सुरक्षात्मक कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है ताकि छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा बना रहे। अपने पत्र में एआईएमएसए ने प्रधानमंत्री कार्यालय से विदेश मंत्री और संबंधित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर तीन प्रमुख कदम उठाने की अपील की है।
पहला, बांग्लादेश में फंसे सभी भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए तुरंत ठोस कार्रवाई की जाए। दूसरा, भारतीय दूतावास और अन्य संबंधित मिशनों के जरिए जमीनी स्तर पर मदद और सहायता को मजबूत किया जाए। तीसरा, छात्रों और उनके परिवारों के साथ समय पर, स्पष्ट और पारदर्शी संवाद सुनिश्चित किया जाए ताकि अफवाहों और भय का माहौल खत्म हो सके। एआईएमएसए ने पत्र में इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर और आपात स्थिति वाला बताते हुए कहा है कि इसे शीर्ष प्राथमिकता पर लिया जाना चाहिए। संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जल्द और संवेदनशील कदम उठाएगी, जिससे बांग्लादेश में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों की जान, सम्मान और भविष्य सुरक्षित रह सके। यह पत्र एआईएमएसए के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान की ओर से भेजा गया है। इसकी प्रति विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को भी भेजी गई है।