Kolkata: डायमंड हार्बर के नूरपुर में बड़ा हादसा, नदी किनारे फंसा कंटेनर जहाज
नदी किनारे फंसे कंटेनर जहाज से नूरपुर में बढ़ी लोगों की चिंता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर स्थित नूरपुर फेरीघाट के पास बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कंटेनरों से लदा एक विशाल विदेशी मालवाहक जहाज अचानक नियंत्रण खो बैठा और हुगली नदी के किनारे बने तटबंध से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जहाज का अगला हिस्सा तटबंध और उसके किनारे सड़क के बेहद करीब तक पहुंच गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अमावस्या के कारण हुगली नदी में उस समय ज्वार और तेज धारा थी। इसी दौरान कंटेनर से लदा जहाज नदी के निर्धारित नौवहन चैनल में आगे बढ़ रहा था। अचानक जहाज का संतुलन बिगड़ा और वह नदी की मुख्य धारा से किनारे की तरफ बढ़ने लगा। देखते ही देखते जहाज नूरपुर फेरीघाट के पास नदी के तटबंध से जा टकराया।
हादसे में शामिल जहाज का नाम एमवी नवाटा भूम बताया गया है। यह सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज है और मलेशिया के पोर्ट क्लांग से कंटेनर लेकर कोलकाता बंदरगाह की ओर आ रहा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जहाज की लंबाई करीब 147.82 मीटर और डेडवेट क्षमता करीब 13,852 टन है।
घटना के समय जहाज डायमंड हार्बर के पास हुगली नदी के घुमावदार हिस्से से गुजर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर तेज नदी की धारा और जहाज के स्टीयरिंग सिस्टम में संभावित खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है।
बताया गया है कि जहाज के मास्टर को जब स्टीयरिंग में गड़बड़ी का एहसास हुआ तो उन्होंने लगातार हॉर्न बजाकर नदी किनारे मौजूद लोगों को चेतावनी दी। उस वक्त सौभाग्य से घाट के आसपास कोई फेरी या बड़ी नाव मौजूद नहीं थी। इससे एक संभावित बड़े हादसे को टाला जा सका।
टक्कर के बाद नूरपुर में हुगली नदी के तटबंध में दरार पड़ने की खबर है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार जहाज तटबंध के उस हिस्से तक जा पहुंचा, जहां से सड़क गुजरती है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैल गया कि जहाज “सड़क पर चढ़ गया” या जहाज ने सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया।
हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जहाज ने नदी के तटबंध को जोरदार टक्कर मारी और तटबंध का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। तटबंध में दरार आने से भरे ज्वार के दौरान नदी का पानी इलाके में प्रवेश करने की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। जहाज के पायलट ने टक्कर के बाद प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (एस एमपीए) को सूचना दी।
राहत की बात यह है कि हादसे में किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जहाज के मुख्य ढांचे को भी गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है और टग की सहायता से उसे सुरक्षित रूप से हटाया जा सकता है।
नूरपुर में बड़े जहाजों के नदी किनारे पहुंचने की घटना नई नहीं है। सरकारी आपदा प्रबंधन दस्तावेज में भी 22 मार्च 2008 को नूरपुर के पास एक जहाज के स्टीयरिंग जाम होने के बाद नदी के तल में फंसने और जेट्टी से टकराने की घटना दर्ज है। उस समय भी जहाज हुगली नदी के तीखे मोड़ से गुजर रहा था।
इस वजह से स्थानीय लोगों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि नूरपुर के इस संवेदनशील मोड़ पर बड़े मालवाहक जहाजों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और नेविगेशन सिस्टम को और मजबूत क्यों नहीं किया जा रहा है।