नरेंद्र नगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र नगर में कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के स्वर्ण जयंती संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन किया, विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक और स्वतंत्रता सेनानी स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से दीप प्रज्वलित किया और मां कुंजापुरी की तस्वीर के समक्ष पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह पर्यटन, विकास, व्यापार और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहन मिलता है और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। मेले में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यापार और पर्यटन को लाभ मिलता है।
स्वर्ण जयंती संस्करण का हुआ उद्घाटन
नरेंद्र नगर में आयोजित कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का यह स्वर्ण जयंती संस्करण है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और मेले की गतिविधियों का अवलोकन किया।कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मुख्यमंत्री ने इन झांकियों को देखा और विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने अलग-अलग विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया।इन स्टालों के माध्यम से विभागीय गतिविधियों और विकास से संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ स्थान दिया गया है।मुख्यमंत्री ने आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और विकास की संभावनाओं को सामने लाने पर जोर दिया।
शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि
मेले के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने शहीद स्मारक और स्वतंत्रता सेनानी स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।इस दौरान उन्होंने देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मान दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर औपचारिक दीप प्रज्वलित किया।उन्होंने मां कुंजापुरी की तस्वीर के समक्ष पूजा-अर्चना भी की। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े इस आयोजन में पूजा-अर्चना के बाद मेले की औपचारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया।कार्यक्रम में स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने और धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के माध्यम से क्षेत्र की ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक विरासत को महत्व दिया गया।
पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला पर्यटन, विकास और व्यापार को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उन्होंने कहा, "यह मेला न केवल पर्यटन, विकास और व्यापार को गति देता है, बल्कि स्थानीय उत्पादों की बिक्री को भी बढ़ावा देता है; लोग इसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से आते हैं और इस क्षेत्र को इसका पूरा लाभ मिलता है।"मुख्यमंत्री के अनुसार, मेले में लोगों की भागीदारी से स्थानीय व्यापारियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ क्षेत्र की पहचान को भी व्यापक स्तर पर पहुंचाने में सहायक होते हैं।उन्होंने कहा कि पर्यटन और व्यापार को एक साथ प्रोत्साहित करने वाले आयोजनों से स्थानीय स्तर पर गतिविधियां बढ़ती हैं। मेले में आने वाले लोगों को क्षेत्र की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय उत्पादों को जानने का अवसर भी मिलता है।
नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं मेले
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेले और उत्सव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते। ये नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को एक मंच पर लाते हैं और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।मुख्यमंत्री के मुताबिक, स्थानीय मेलों में पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक सहभागिता और व्यापारिक गतिविधियों का संगम देखने को मिलता है। इन आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने क्षेत्र की पहचान और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।उन्होंने सामाजिक एकता को मजबूत करने में भी मेलों की भूमिका पर जोर दिया। उनके अनुसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी से समाज में आपसी संपर्क और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है।
स्थानीय उत्पादों की बिक्री को मिलेगा अवसर
कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान विभिन्न विभागों के स्टालों और विकास प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को अलग-अलग गतिविधियों की जानकारी दी गई।मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि मेले क्षेत्रीय व्यापार के लिए उपयोगी मंच बन सकते हैं।स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने और लोगों तक पहुंचाने से उत्पादकों तथा व्यापारियों को नए ग्राहक मिलने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन क्षेत्र की विशिष्ट पहचान से जुड़े उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने में भी सहायक हो सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में दूर-दूर से लोगों का पहुंचना क्षेत्र के लिए लाभकारी है। इससे पर्यटन और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलता है।हालांकि, इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री, पर्यटकों की संख्या या मेले से होने वाले कारोबार के संबंध में कोई विशिष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया।
संस्कृति और विकास का संगम है कुंजापुरी मेला
कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का स्वर्ण जयंती संस्करण क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और विकास संबंधी गतिविधियों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन के दौरान सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन करने के साथ विकास प्रदर्शनी और विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा मां कुंजापुरी की पूजा-अर्चना की।अपने संबोधन में उन्होंने पर्यटन, व्यापार, स्थानीय उत्पादों और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने में ऐसे आयोजनों की भूमिका पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले और उत्सव समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं और स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने में योगदान देते हैं। कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का स्वर्ण जयंती आयोजन इसी उद्देश्य के साथ संस्कृति, पर्यटन और विकास को एक मंच पर लाने का प्रयास है।
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