गोरखपुर। खजनी क्षेत्र के कोटही में मेले के दौरान हुए विवाद में चाकू से घायल 23 वर्षीय विवेक उर्फ आशू की इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच सितंबर की रात विवेक अपने साथियों के साथ खाना खा रहा था, तभी कथित तौर पर शराब के नशे में आए युवक से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विरोध करने पर युवक ने विवेक पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल विवेक को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार सुबह शव उसके गांव पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।
मृतक की पहचान करहल कस्बे के मोहल्ला ओमनगर निवासी दयाशंकर के 23 वर्षीय पुत्र विवेक उर्फ आशू के रूप में हुई है। विवेक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक विवेक कस्बे के ही निशांत उर्फ पिंकी के साथ अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होने वाले मेलों में आसमानी झूला चलाने का काम करता था। इसी काम के सिलसिले में वह गोरखपुर आया था।
खजनी थाना क्षेत्र के कोटही माता मंदिर परिसर में 26 अगस्त से तीन सितंबर तक मेले का आयोजन किया गया था। यहां निशांत ने आसमानी झूला लगाया था और विवेक भी उसके साथ काम करने पहुंचा था।
परिवार के अनुसार रक्षाबंधन पर विवेक अपने घर आया था। उसने अपनी बहन ज्योति से राखी बंधवाई और परिवार के साथ त्योहार मनाया। इसके बाद काम पर लौटने के लिए इटावा से ट्रेन पकड़कर गोरखपुर चला गया।
परिजनों ने शायद ही सोचा होगा कि रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने के बाद घर से निकले विवेक की यह परिवार के साथ आखिरी मुलाकात साबित होगी। कुछ दिनों बाद उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
बताया जा रहा है कि पांच सितंबर की रात विवेक अपने अन्य साथियों के साथ खाना खा रहा था। इसी दौरान फर्रुखाबाद के कायमगंज थाना क्षेत्र के गंगा दरवाजा निवासी शिवम कौशल वहां पहुंचा।
आरोप है कि शिवम शराब के नशे में था और उसने वहां गाली-गलौज शुरू कर दी। विवेक ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर चाकू निकालकर विवेक पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई। चाकू लगने से विवेक गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। उसके साथियों ने उसे संभाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
विवेक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही।
करीब दो दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद रविवार सुबह विवेक ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मामले में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद सोमवार सुबह विवेक का शव करहल स्थित उसके घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार और आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई।
अपने इकलौते बेटे को खोने से माता-पिता गहरे सदमे में हैं। वहीं रक्षाबंधन पर जिस भाई की कलाई पर बहन ज्योति ने राखी बांधी थी, कुछ ही दिनों बाद उसका शव घर पहुंचने से परिवार के लिए दुख और बढ़ गया।
परिवार के सदस्यों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
पुलिस के लिए घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। घटना के समय विवेक अपने साथियों के साथ खाना खा रहा था, इसलिए वहां मौजूद लोग विवाद की शुरुआत और हमले के बारे में अहम जानकारी दे सकते हैं।
जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि कथित विवाद अचानक शुरू हुआ था या आरोपी और मृतक के बीच पहले से किसी बात को लेकर तनाव था। उपलब्ध जानकारी में विवाद की शुरुआत गाली-गलौज का विरोध करने से बताई जा रही है।
घटना में इस्तेमाल चाकू की बरामदगी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। हथियार मिलने की स्थिति में उसे साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया जा सकता है।
मेला परिसर या आसपास सीसीटीवी कैमरे मौजूद होने की स्थिति में पुलिस फुटेज की भी जांच कर सकती है। इससे घटना के पहले और बाद की गतिविधियों को समझने में मदद मिल सकती है।
विवेक की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। घायल अवस्था में दर्ज मामले में अब उसकी मौत के बाद संबंधित कानूनी धाराओं में बदलाव की प्रक्रिया भी परिस्थितियों और जांच के आधार पर हो सकती है।
मेला खत्म होने के बाद भी विवेक वहां किस काम से रुका हुआ था और घटना के समय उसके साथ कौन-कौन मौजूद था, इन पहलुओं की जानकारी भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
विवेक परिवार का इकलौता बेटा था और मेलों में झूला चलाकर काम करता था। उसकी कमाई परिवार के लिए भी महत्वपूर्ण रही होगी। अचानक हुई उसकी मौत ने परिवार को भावनात्मक के साथ आर्थिक झटका भी दिया है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर नाराजगी है। परिजन चाहते हैं कि मामले में आरोपी के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई हो। पुलिस से निष्पक्ष जांच और घटना में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।
रक्षाबंधन से जुड़ी विवेक की आखिरी घर यात्रा अब परिवार के लिए दर्दनाक स्मृति बन गई है। बहन से राखी बंधवाने के बाद वह रोजी-रोटी के लिए गोरखपुर गया था। परिवार को उम्मीद थी कि मेला खत्म होने के बाद वह सुरक्षित वापस लौटेगा, लेकिन सोमवार को उसका शव घर पहुंचा।
फिलहाल मामले में पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
23 वर्षीय विवेक की मौत ने उसके परिवार और मोहल्ले को गहरे शोक में डाल दिया है। पांच सितंबर की रात खाना खाते समय शुरू हुआ मामूली विवाद कथित तौर पर चाकूबाजी तक पहुंचा और रविवार सुबह अस्पताल में उसकी जिंदगी खत्म हो गई। अब परिवार की एक ही मांग है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और विवेक को न्याय मिले।