सहारनपुर। घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रकरण की नई परतें सामने आ रही हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद करेंसी चेस्ट के बराबर में स्थित पीएनबी शाखा के चार कर्मचारियों के अचानक लापता होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन चारों कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद हैं और उनके घरों पर भी ताले लगे हुए हैं। इसके बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने इन कर्मचारियों की तलाश तेज कर दी है।

करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद पहले ही बैंकिंग व्यवस्था और नकली नोटों की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो चुके हैं। अब चेस्ट से सटी बैंक शाखा के चार कर्मचारियों के एक साथ गायब होने की जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से इन कर्मचारियों की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद से संपर्क से बाहर

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चारों कर्मचारी मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही अपने-अपने स्तर पर संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। उनके मोबाइल फोन बंद मिलने और घरों पर ताले लगे होने के बाद पुलिस का संदेह बढ़ा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चारों कर्मचारी कहां हैं और वे अचानक कहां चले गए।

पुलिस की ओर से उनके परिचितों, सहकर्मियों और अन्य संभावित संपर्कों के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है। कर्मचारियों के मोबाइल नंबर और अन्य उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर उनकी लोकेशन पता लगाने का प्रयास भी किया जा सकता है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या चारों कर्मचारियों के लापता होने का नकली नोट प्रकरण से कोई सीधा संबंध है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

करेंसी चेस्ट में मिली थी 17.29 करोड़ की नकली करेंसी

घंटाघर के सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के बाद पूरे बैंकिंग तंत्र में हड़कंप मच गया था। इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

करेंसी चेस्ट में नकदी के रखरखाव, नोटों की जांच, उनके सत्यापन और रिकॉर्ड से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची और इस दौरान बैंकिंग प्रक्रिया के किन चरणों में चूक हुई।

चेस्ट से सटी शाखा पर भी नजर

करेंसी चेस्ट के ठीक बराबर में पीएनबी की एक शाखा संचालित होती है। ऐसे में इस शाखा में तैनात कर्मचारियों की गतिविधियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। चार कर्मचारियों के अचानक लापता होने के बाद इस पहलू को लेकर जांच एजेंसियां और गंभीर हो गई हैं।

अधिकारियों के सामने यह सवाल है कि क्या इन कर्मचारियों को करेंसी चेस्ट में रखी नकदी या उसके संचालन से संबंधित कोई जानकारी थी। क्या उन्हें नकली नोटों की मौजूदगी के बारे में पहले से कुछ पता था या फिर उनके लापता होने का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

बैंक कर्मचारियों में चर्चाओं का दौर

मामला सामने आने के बाद बैंक कर्मचारियों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी रकम के नकली पाए जाने और उसके बाद चार कर्मचारियों के लापता होने से बैंक के भीतर भी असहज स्थिति बनी हुई है।

हालांकि, किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर केवल उसके लापता होने के आधार पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। जांच एजेंसियां भी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ रही हैं। कर्मचारियों के बयान, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

नकली नोटों के स्रोत की तलाश

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू नकली नोटों के स्रोत का पता लगाना भी है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी कहां से आई और इसे करेंसी चेस्ट तक पहुंचाने में किन लोगों या माध्यमों का इस्तेमाल हुआ।

इसके साथ यह भी देखा जा रहा है कि नकली नोटों की पहचान से पहले वे बैंकिंग प्रणाली में किस तरह प्रवेश कर पाए। करेंसी चेस्ट में पहुंचने से पहले और उसके बाद नोटों की जांच से संबंधित प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा सकती है।

जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल

मामले की जांच में अब कई सवाल अहम हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 17.29 करोड़ रुपये की नकली करेंसी करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची। दूसरा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोटों की पहचान पहले क्यों नहीं हो सकी। तीसरा और महत्वपूर्ण पहलू करेंसी चेस्ट के पास स्थित शाखा के चार कर्मचारियों के अचानक लापता होने से जुड़ा है।

जांच एजेंसियां इन सभी पहलुओं को आपस में जोड़कर देख रही हैं। कर्मचारियों के बैंक रिकॉर्ड, ड्यूटी से संबंधित जानकारी और संभावित संपर्कों की जांच से मामले में नई जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस तलाश में जुटी

फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां चारों कर्मचारियों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं। उनके मोबाइल बंद होने और घरों पर ताले लगे मिलने के बाद उनकी तलाश प्राथमिकता में शामिल हो गई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वे स्वेच्छा से कहीं गए हैं या किसी वजह से संपर्क से बाहर हैं।

नकली नोट प्रकरण में जांच आगे बढ़ने के साथ अब करेंसी चेस्ट के संचालन, बैंक शाखा के कर्मचारियों और नकली नोटों के संभावित स्रोत से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। चार कर्मचारियों की तलाश और उनसे पूछताछ के बाद मामले में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की संभावना है।

फिलहाल जांच एजेंसियां किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों को जुटा रही हैं। 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के बाद सामने आया यह नया घटनाक्रम प्रकरण की गंभीरता को और बढ़ा रहा है। अब चारों कर्मचारियों की तलाश और उनकी भूमिका से जुड़े तथ्यों के सामने आने का इंतजार है।

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