लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्कूली छात्राओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से योगी सरकार विद्यालय स्तर पर संचालित ‘मीना मंच’ को नया विस्तार देने जा रही है। विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के तहत राज्य स्तर पर ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (ToT) और ‘मास्टर ट्रेनर’ (MT) कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एसआईईटी (SIET), प्रयागराज में 9 से 24 सितंबर 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। विशेष अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों से चयनित कुल 450 प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में संचालित मीना मंच को और प्रभावी तथा संस्थागत रूप से मजबूत बनाना है। प्रशिक्षण हासिल करने वाले प्रतिनिधि आगे अपने-अपने क्षेत्रों में मीना मंच से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में भूमिका निभाएंगे। इसके जरिए छात्राओं को अपनी बात रखने, निर्णय लेने और सामाजिक मुद्दों को समझने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा।

75 जिलों से आएंगे 450 प्रतिनिधि

इस प्रशिक्षण अभियान की खास बात यह है कि इसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अलग-अलग जिलों से चयनित कुल 450 प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाएगा।

इससे मीना मंच की गतिविधियों को पूरे प्रदेश में एक समान और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिनिधि मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने जिलों में कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।

कार्यशाला में उन्हें मीना मंच के उद्देश्यों, छात्राओं के साथ संवाद, नेतृत्व विकास और विद्यालय स्तर पर गतिविधियों के बेहतर संचालन से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

9 से 24 सितंबर के बीच प्रशिक्षण

राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रयागराज स्थित एसआईईटी में 9 से 24 सितंबर के बीच किया जाना है। इसके तहत नौ दिवसीय विशेष प्रशिक्षण अभियान संचालित होगा।

‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षकों को तैयार करना है, जो आगे अन्य शिक्षकों और संबंधित प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली से परिचित करा सकें। मास्टर ट्रेनर तैयार होने से मीना मंच से संबंधित प्रशिक्षण को जिला और विद्यालय स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

छात्राओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर जोर

मीना मंच का प्रमुख उद्देश्य छात्राओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी समस्याओं, अनुभवों और विचारों को खुलकर साझा कर सकें। विद्यालय में पढ़ाई के साथ छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए भी इसकी गतिविधियों का उपयोग किया जाता है।

नई पहल में छात्राओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हें अपने अधिकारों को समझने, समस्याओं पर खुलकर बातचीत करने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सरकार का प्रयास है कि मीना मंच केवल विद्यालय की एक सामान्य गतिविधि बनकर न रह जाए, बल्कि छात्राओं के समग्र विकास के लिए सक्रिय मंच के रूप में काम करे।

सुरक्षा के प्रति किया जाएगा जागरूक

बेटियों की सुरक्षा भी कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। विद्यालय स्तर पर छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें विभिन्न परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया जाएगा।

छात्राओं को अपनी समस्या शिक्षकों और अभिभावकों के सामने रखने के लिए प्रेरित करना भी महत्वपूर्ण है। कई बार झिझक या डर के कारण छात्राएं अपनी समस्याओं को साझा नहीं कर पातीं। मीना मंच जैसी व्यवस्था उनके लिए संवाद का माध्यम बन सकती है।

इसके माध्यम से बालिकाओं में यह विश्वास विकसित करने की कोशिश की जाती है कि वे अपने मुद्दों और अधिकारों को लेकर खुलकर बात कर सकती हैं।

आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए गतिविधियां

मीना मंच की गतिविधियां केवल जागरूकता तक सीमित नहीं हैं। इसके जरिए छात्राओं में संवाद, सामूहिक निर्णय, समस्या समाधान और नेतृत्व जैसे कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है।

विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलता है। इससे उनमें मंच पर बोलने और अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखने का आत्मविश्वास विकसित हो सकता है।

नई ट्रेनिंग के जरिए प्रतिनिधियों को ऐसी गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए तैयार किया जाएगा।

मास्टर ट्रेनर निभाएंगे अहम भूमिका

450 प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने के पीछे सरकार का उद्देश्य प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षित लोगों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में जाकर प्रशिक्षण और गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

इस मॉडल से राज्य स्तर पर दिया गया प्रशिक्षण स्थानीय स्तर तक पहुंच सकेगा। साथ ही अलग-अलग जिलों में मीना मंच की गतिविधियों के संचालन में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मीना मंच को संस्थागत मजबूती देने की तैयारी

सरकार की योजना मीना मंच को विद्यालय व्यवस्था के भीतर और मजबूत बनाने की है। इसके लिए केवल गतिविधियों के आयोजन के बजाय प्रशिक्षित प्रतिनिधियों के माध्यम से इसकी कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के तहत होने वाली कार्यशाला इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका फोकस समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ बालिकाओं को शिक्षा और सामाजिक भागीदारी में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।

बेटियों को अपनी आवाज बुलंद करने का मिलेगा मंच

मीना मंच का विस्तार होने से विद्यालयों में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की उम्मीद है। इसके जरिए बेटियां न केवल अपनी समस्याओं को सामने रख सकेंगी, बल्कि स्कूल और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नेतृत्व भी कर सकेंगी।

9 से 24 सितंबर के बीच होने वाली राज्य स्तरीय कार्यशाला के बाद प्रशिक्षित प्रतिनिधियों के जरिए कार्यक्रम को जिलों में आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार की इस पहल का लक्ष्य मीना मंच को बेटियों की सुरक्षा, आत्मविश्वास और नेतृत्व विकास के लिए अधिक प्रभावी माध्यम बनाना है।

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