आगरा। गुजरात के सूरत से मीरजापुर लाया जा रहा पॉक्सो एक्ट का आरोपित आगरा में चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। घटना किरावली रेलवे स्टेशन के पास की बताई जा रही है। आरोपित मीरजापुर के पड़री थाना क्षेत्र में नाबालिग से जुड़े मामले में वांछित था। उसे सूरत पुलिस के सहयोग से बरामद करने के बाद मीरजापुर पुलिस की टीम ट्रेन से वापस ला रही थी। इसी दौरान वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर चलती ट्रेन से कूद गया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

घटना के बाद मीरजापुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में मीरजापुर के थाना पड़री में तैनात उपनिरीक्षक जयप्रकाश की तहरीर पर आगरा जीआरपी थाना फोर्ट में आरोपित के फरार होने के साथ ही उसके साथ तैनात तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब फरार आरोपित की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा में ऐसी चूक कैसे हुई, जिसके कारण गंभीर मामले का आरोपित चलती ट्रेन से भागने में सफल हो गया।

सूरत से बरामद किया गया था आरोपित

थाना पड़री में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान पुलिस को नाबालिग पीड़िता और आरोपित सूरज कुमार पांडेय उर्फ हर्ष पांडेय की तलाश थी। मीरजापुर पुलिस की टीम ने उनकी तलाश के लिए गुजरात का रुख किया था।

उपनिरीक्षक जयप्रकाश की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, थाना पड़री में तैनात उपनिरीक्षक विजय शंकर यादव, महिला हेड कांस्टेबल गीता और कांस्टेबल नीरज कुमार दो सितंबर को नाबालिग पीड़िता और आरोपित की तलाश में सूरत के थाना उमरा पहुंचे थे। वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों को बरामद कर लिया गया।

इसके बाद मीरजापुर पुलिस टीम दोनों को लेकर वापस लौटने की तैयारी में जुट गई। आरोपित को पुलिस अभिरक्षा में मीरजापुर लाया जा रहा था, जबकि नाबालिग पीड़िता को भी टीम अपने साथ लेकर रवाना हुई थी।

उधना से मधुबनी एक्सप्रेस में सवार हुई टीम

पुलिस टीम चार सितंबर को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन से मधुबनी एक्सप्रेस में सवार हुई थी। इसी ट्रेन से आरोपित और नाबालिग पीड़िता को मीरजापुर लाया जा रहा था। यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी आरोपित की निगरानी कर रहे थे।

तहरीर के मुताबिक ट्रेन आगरा के शृंगारपुर और किरावली रेलवे स्टेशनों के बीच पहुंची थी। रात करीब 12:30 बजे आरोपित सूरज कुमार पांडेय उर्फ हर्ष पांडेय अचानक चलती ट्रेन से कूद गया। पुलिसकर्मियों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल उसकी तलाश शुरू की।

काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिला

आरोपित के ट्रेन से कूदने के बाद पुलिस टीम ने आसपास के इलाके में उसकी तलाश की। उपनिरीक्षक विजय शंकर यादव ने काफी खोजबीन की, लेकिन अंधेरा होने और क्षेत्र में फैले इलाके के कारण आरोपित का कोई सुराग नहीं मिल सका।

घटना की जानकारी संबंधित पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद आगरा जीआरपी को भी मामले से अवगत कराया गया। पुलिस अब रेलवे स्टेशन और आसपास के संभावित रास्तों के साथ अन्य स्थानों पर भी आरोपित की तलाश कर रही है।

तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच के घेरे में

आरोपित के फरार होने के मामले में उसके साथ तैनात तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। उपनिरीक्षक विजय शंकर यादव, महिला हेड कांस्टेबल गीता और कांस्टेबल नीरज कुमार पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

मीरजापुर पुलिस के उपनिरीक्षक जयप्रकाश की तहरीर पर आगरा जीआरपी थाना फोर्ट में आरोपित के फरार होने और पुलिसकर्मियों की लापरवाही को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित ने किस तरह सुरक्षा व्यवस्था को भेदा और ट्रेन से कूदने में सफल रहा।

नाबालिग से जुड़े मामले में वांछित था आरोपी

फरार सूरज कुमार पांडेय उर्फ हर्ष पांडेय मीरजापुर के थाना पड़री में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में वांछित था। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गुजरात के सूरत में उसके मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

ऐसे गंभीर मामले में वांछित आरोपित का पुलिस अभिरक्षा से फरार होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब जांच एजेंसियां आरोपित को जल्द पकड़ने के साथ पुलिस सुरक्षा में हुई चूक की भी पड़ताल कर रही हैं।

रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में तलाश

घटना के बाद जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी है। जिस स्थान पर आरोपित ट्रेन से कूदा, उसके आसपास के क्षेत्र की भी जांच की जा रही है। रेलवे ट्रैक के आसपास मौजूद रास्तों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रेन से कूदने के बाद आरोपित किस दिशा में गया। आसपास के इलाकों में उसकी तलाश के साथ उसके संभावित संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पुलिस अभिरक्षा में पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले के आरोपित के ट्रेन से फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी थी कि यात्रा के दौरान आरोपित पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके बावजूद उसके चलती ट्रेन से कूदकर भागने की घटना ने सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की जरूरत पैदा कर दी है।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपित की तलाश में जुटी है। साथ ही तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच भी आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने फरार होने की योजना पहले से बनाई थी या ट्रेन में मौका मिलने पर अचानक भागने का निर्णय लिया।

मीरजापुर पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती पॉक्सो एक्ट के इस आरोपित को दोबारा गिरफ्तार करना है। वहीं आगरा जीआरपी और संबंधित पुलिस अधिकारी घटना की परिस्थितियों और सुरक्षा में हुई चूक की जांच कर रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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