स्कूल परिसर में भरभराकर गिरी दीवार छुट्टी के चलते टला बड़ा हादसा

Update: 2026-08-10 13:32 GMT
जलालाबाद : कस्बे में सोमवार सुबह दो घंटे से अधिक समय तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर पुरानी और कमजोर दीवारें ढह गईं। इसी दौरान मोहल्ला मोहम्मदीगंज स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विद्यालय परिसर में बीआरसी कार्यालय के पास बनी करीब 100 फीट लंबी और छह से सात फीट ऊंची दीवार का बड़ा हिस्सा अचानक तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर गया। दीवार का मलबा विद्यालय और खंड शिक्षा कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते पर जा गिरा।
गनीमत रही कि इन दिनों कांवड़ यात्रा के चलते विद्यालय में बच्चों का अवकाश चल रहा है। जिस समय दीवार गिरी, उस समय विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों की सामान्य आवाजाही नहीं थी। अगर स्कूल खुला होता और बच्चे या शिक्षक उस रास्ते से गुजर रहे होते तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य भूप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जलालाबाद में तेज बारिश शुरू हुई। बारिश लगातार दो घंटे से अधिक समय तक होती रही। इससे विद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में पानी भर गया। जलजमाव के बीच परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर जाने वाले रास्ते के किनारे बनी पुरानी दीवार पर पानी का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान दीवार का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया।
दीवार गिरने के बाद उसका मलबा रास्ते में फैल गया और विद्यालय तथा खंड शिक्षा कार्यालय की ओर आने-जाने का मार्ग बाधित हो गया। प्रधानाचार्य भूप सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए फिलहाल विद्यालय में छुट्टियां चल रही हैं। इसी वजह से घटना के समय वहां बच्चे और शिक्षक मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में इसी रास्ते से विद्यालय और कार्यालय से जुड़े लोगों की आवाजाही होती रहती है।
घटना के बाद दीवार की मजबूती और निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रधानाचार्य के मुताबिक बारिश के मौसम में यह दीवार पहले भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। करीब दो वर्ष पहले बारिश के कारण दीवार का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद पिछले वर्ष भी दीवार का एक हिस्सा धराशायी हो गया था। इन घटनाओं के बाद विद्यालय स्तर पर दोबारा निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद कुछ समय बाद दीवार का फिर से गिर जाना निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि विद्यालय परिसर की दीवार के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि विद्यालय और बीआरसी कार्यालय जैसी जगह पर कमजोर दीवारें सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। बारिश के मौसम में ऐसी दीवारों के गिरने की आशंका और बढ़ जाती है। लोगों ने अधिकारियों से परिसर की अन्य जर्जर दीवारों का भी निरीक्षण कराने और जरूरत पड़ने पर उन्हें मजबूत कराने की मांग की है।
मामले में खंड शिक्षा अधिकारी राहुल धामा ने बताया कि दीवार के एक तरफ कच्ची मिट्टी मौजूद है। तेज बारिश के दौरान कच्ची मिट्टी में पानी भरने से दीवार पर दबाव बढ़ जाता है, जिसके कारण वह बार-बार क्षतिग्रस्त होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब परिसर में पिलरयुक्त और मजबूत दीवार का निर्माण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
उधर, जलालाबाद के पुराने बस स्टैंड स्थित इंदिरा गेट के पास भी तेज बारिश के कारण एक पुरानी चारदीवारी गिर गई। यह दीवार मनमोहन भरतरी के प्लॉट की बताई गई है। स्थानीय निवासी सलीम चौधरी के अनुसार, दीवार काफी पुरानी थी और बारिश के दौरान पानी का तेज बहाव आने के बाद अचानक भरभराकर गिर गई। यहां भी राहत की बात यह रही कि घटना के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
लगातार बारिश के बीच एक ही दिन में दो स्थानों पर दीवार गिरने की घटनाओं ने कस्बे में जर्जर निर्माणों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को बारिश के मौसम में पुराने मकानों, चारदीवारियों और सार्वजनिक परिसरों की कमजोर दीवारों का निरीक्षण कराना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
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