UP News: बलिया जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। गंगा का खतरे का निशान 57.615 मीटर है, लेकिन अब पानी 58.19 मीटर तक पहुँच गया है, यानी खतरे के निशान को पार कर गया है। इससे कई निचले इलाके पानी में डूबने लगे हैं और लोगों में डर का माहौल बन गया है।
बलिया शहर के महावीर घाट रोड स्थित निहोरा नगर और गायत्री नगर में गंगा का पानी घुस गया है। कई घरों में पानी भर गया है, जिससे लोग घर छोड़कर सड़क पर रहने को मजबूर हैं। निहोरा नगर निवासी गीता ने बताया कि उनके घर में पानी भर गया है। शुरुआती 2 दिन उन्होंने अपने परिवार के साथ सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे बिताए, फिर खुद ही प्लास्टिक और तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था की। कुछ सामान किसी और के घर पर रख दिया है, बाकी को बचाया नहीं जा सका। गायत्री नगर में भी हालात बेहद खराब हैं। वहाँ की प्रीति देवी ने बताया कि उन्हें छोटे बच्चों को लेकर बहुत डर लग रहा है कि कहीं वे पानी में फिसल न जाएँ। उन्होंने बताया कि जब उनकी नई-नई शादी हुई थी, तब बाढ़ आई थी और प्रशासन की ओर से उन्हें कुछ राहत सामग्री मिली थी। लेकिन अब हालात बिगड़ने के बावजूद कोई भी अधिकारी उनका हालचाल जानने नहीं आया।
बाढ़ से परेशान लोग लगातार प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई राहत या मदद नहीं पहुँची है। पीड़ितों का कहना है कि न तो कोई अधिकारी मौके पर आया, न ही कोई राहत शिविर या खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। ज़मीन पर मौजूद लोग दूर से अपने डूबे हुए घरों को देखकर बेहद भावुक दिखे। कई लोग अपना सामान बचाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन पानी की तेज़ रफ़्तार के आगे कोई कुछ नहीं कर सका।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में अगर प्रशासन जल्द ही राहत कार्य शुरू नहीं करता है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था करने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की ज़रूरत है।
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