सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नकली करेंसी के लगातार सामने आ रहे मामलों ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने के मामले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पहले से जांच कर रही है। अब जिले में बड़े पैमाने पर नकली 20 रुपये के सिक्के बनाने और बाजार में खपाने वाले नेटवर्क के खुलासे के बाद इस मामले की जांच भी NIA को सौंपे जाने की तैयारी की खबर है।
सहारनपुर पुलिस ने हाल में नकली सिक्कों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और 20 रुपये के हजारों नकली सिक्के बरामद किए। जांच में नेटवर्क का दायरा करीब 70 करोड़ रुपये तक होने का दावा सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिक्के कहां-कहां सप्लाई किए गए और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। इससे पहले नगर कोतवाली पुलिस और एसओजी ने लाखनौर इलाके से दो लोगों को 20 रुपये के छह हजार नकली सिक्कों के साथ पकड़ा था। इन सिक्कों की कुल कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई गई। पूछताछ के बाद पुलिस नेटवर्क की अगली कड़ियों तक पहुंची और नकली सिक्कों के निर्माण से जुड़े बड़े गिरोह का खुलासा हुआ।
नकली सिक्कों का मामला ऐसे समय सामने आया है जब सहारनपुर की सोफिया मार्केट स्थित PNB करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने की जांच चल रही है। इस मामले में NIA की टीम सहारनपुर में मौजूद है और नकली नोटों के नेटवर्क, लेन-देन तथा संभावित फंडिंग कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। पहले मामले की जांच कर रही एसआईटी अपनी केस डायरी भी NIA को सौंप चुकी है।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि नकली नोटों और नकली सिक्कों के दोनों मामलों के नेटवर्क के बीच कोई संबंध है या ये अलग-अलग गिरोह हैं। फिलहाल दोनों मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। नकली सिक्कों के निर्माण, सप्लाई और उन्हें बाजार में खपाने वाले पूरे नेटवर्क की परतें खंगाली जा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक नकली सिक्कों के मामले की जांच NIA को सौंपने की तैयारी चल रही है। हालांकि इसे NIA द्वारा औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि जांच एजेंसी इस केस को अपने हाथ में लेती है तो नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन और नकली मुद्रा से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
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