अयोध्या। अयोध्या में बम और गोली से किए गए हमले में घायल मां की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। कुछ दिन पहले हमलावरों ने राम लगन मौर्य (40) और उनकी मां पार्वती पर पहले बम से हमला किया था और इसके बाद करीब आठ राउंड गोलियां चलाई थीं। इस हमले में राम लगन मौर्य की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल उनकी मां पार्वती को उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया गया था। मंगलवार को इलाज के दौरान पार्वती ने भी दम तोड़ दिया। मां-बेटे की मौत के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया।

पार्वती की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। लखनऊ से शव अयोध्या पहुंचने के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। देर रात तक प्रदर्शन और लोगों की भीड़ के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

बताया जा रहा है कि राम लगन मौर्य और उनकी मां पार्वती पर यह हमला एक हत्या का बदला लेने के लिए किया गया था। हमलावरों ने पहले बम से हमला किया और इसके बाद गोलीबारी की। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राम लगन मौर्य गंभीर रूप से घायल हुए और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। उनकी मां पार्वती भी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

घटना के बाद पार्वती को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया था। परिजन लगातार उनके स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन मंगलवार को उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। मां की मौत की सूचना अयोध्या पहुंचते ही परिवार और समर्थकों में गहरा आक्रोश फैल गया।

शव रखकर लगाया जाम

लखनऊ से पार्वती का शव अयोध्या पहुंचने के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। परिजनों की मुख्य मांग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की रही। देर रात तक लोगों में घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ था।

पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी पहुंचे

प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना को लेकर आक्रोश जताया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की तथा प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

स्वामी प्रसाद मौर्य के पहुंचने के बाद प्रदर्शन को लेकर लोगों की सक्रियता और बढ़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई। परिवार का कहना था कि जब तक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा।

रात में अयोध्या पहुंचा शव

पार्वती का शव मंगलवार देर रात लखनऊ से अयोध्या लाया गया। रात अधिक होने के कारण मंगलवार को अंतिम संस्कार नहीं हो सका। शव को परिजनों के सुपुर्द किए जाने के बाद परिवार में मातम का माहौल रहा। मां और बेटे की लगातार हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

इस घटना ने इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों की मांग है कि पुलिस मामले की जांच तेजी से पूरी करे और घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।

हत्या के बदले हत्या का आरोप

प्रारंभिक तौर पर घटना के पीछे पुरानी रंजिश और एक हत्या का बदला लेने की बात सामने आई है। बताया गया है कि इसी वजह से राम लगन मौर्य और उनकी मां को निशाना बनाया गया। हालांकि हमले के पीछे की पूरी वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

घटना के बाद पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। परिवार और स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। वहीं, पार्वती के अंतिम संस्कार को लेकर भी परिवार की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

मां और बेटे की मौत से परिवार में शोक के साथ-साथ इलाके में भी गम और आक्रोश का माहौल है। अब पुलिस के सामने घटना की पूरी कड़ी जोड़ने, हमले में शामिल लोगों की पहचान करने और मामले में प्रभावी कार्रवाई करने की चुनौती है।

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