गोरखपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जिला इकाई अब अपने स्तर पर चैरिटेबल ब्लड सेंटर का संचालन करेगी। तारामंडल स्थित आईएमए भवन में ब्लड सेंटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह 10 बजे इसका लोकार्पण करेंगे। सेंटर शुरू होने के साथ ही जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में आईएमए की ओर से एक नई पहल शुरू होगी।

आईएमए पदाधिकारियों के मुताबिक, यह सेंटर संस्था की जिला इकाई की ओर से संचालित होने वाला पहला ब्लड सेंटर होगा। इसे चैरिटेबल मॉडल पर संचालित किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद मरीजों को रक्त और उससे जुड़े घटकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। सेंटर में आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है और रक्त के सुरक्षित संग्रहण के साथ-साथ उसके विभिन्न घटकों को अलग करने की व्यवस्था भी की गई है।

2500 वर्गफीट में तैयार हुआ सेंटर

आईएमए के सचिव डॉ. वाई सिंह और संयुक्त सचिव डॉ. दिनेश चंद्रा ने बताया कि ब्लड सेंटर का निर्माण तारामंडल स्थित आईएमए भवन में करीब 2500 वर्गफीट क्षेत्रफल में किया गया है। सेंटर के निर्माण पर लगभग 80 लाख रुपये की लागत आई है।

ब्लड सेंटर में करीब 400 यूनिट रक्त रखने की क्षमता है। इसके अलावा यहां ब्लड सेपरेशन यूनिट भी स्थापित की गई है। इस यूनिट की मदद से रक्त को उसके अलग-अलग घटकों में विभाजित किया जा सकेगा। इससे मरीज की जरूरत के अनुसार रक्त के विभिन्न अवयव उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

पदाधिकारियों के अनुसार, सेंटर में रक्त के संग्रहण और प्रबंधन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। इसका उद्देश्य रक्त की उपलब्धता को व्यवस्थित करना और जरूरत के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग करना है।

मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण

चैरिटेबल ब्लड सेंटर का औपचारिक लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह 10 बजे करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर आईएमए की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों और आईएमए के पदाधिकारियों की मौजूदगी रहेगी।

आईएमए की जिला इकाई के लिए यह सेंटर महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। संस्था का कहना है कि रक्त की जरूरत किसी भी मरीज को कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर ब्लड सेंटर की सुविधा होने से रक्त की उपलब्धता को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा लाभ

ब्लड सेंटर का चैरिटेबल स्वरूप जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। दुर्घटना, प्रसव, सर्जरी, गंभीर बीमारियों और अन्य चिकित्सा परिस्थितियों में मरीजों को रक्त की आवश्यकता होती है। कई बार परिजनों को रक्त की व्यवस्था के लिए अलग-अलग स्थानों पर संपर्क करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर सेंटर उपलब्ध होने से रक्त संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

आईएमए पदाधिकारियों ने बताया कि सेंटर में करीब 400 यूनिट रक्त संग्रहित किया जा सकेगा। रक्त की उपलब्धता और जरूरत के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि रक्तदान और रक्त की उपलब्धता के लिए नियमित रूप से लोगों को जागरूक करना भी जरूरी होगा।

ब्लड सेपरेशन यूनिट की भी सुविधा

इस सेंटर की खासियतों में ब्लड सेपरेशन यूनिट भी शामिल है। रक्त को अलग-अलग घटकों में विभाजित करने की सुविधा से एक यूनिट रक्त का उपयोग जरूरत के अनुसार अलग-अलग मरीजों के उपचार में किया जा सकता है। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मरीज को पूरे रक्त के बजाय संबंधित रक्त घटक उपलब्ध कराया जा सकता है।

ब्लड सेपरेशन की सुविधा होने से रक्त प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए सेंटर में संबंधित उपकरण और आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं।

आईएमए के लिए नई शुरुआत

आईएमए की जिला इकाई लंबे समय से चिकित्सा सेवाओं से जुड़े सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही है। अब अपने ब्लड सेंटर के संचालन के साथ संस्था स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रही है। आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि सेंटर का उद्देश्य व्यावसायिक गतिविधि के बजाय जरूरतमंद लोगों को रक्त की सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग करना है।

करीब 80 लाख रुपये की लागत से तैयार इस सेंटर में रक्त संग्रहण की क्षमता के साथ ब्लड सेपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इसके लोकार्पण के बाद सेंटर के संचालन का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो जाएगा।

आईएमए की इस पहल से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में रक्त की जरूरत वाले मरीजों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। अब सेंटर के नियमित संचालन, रक्तदान गतिविधियों और रक्त की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर रहेगा।

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