गोरखपुर। पूर्वांचल में अवैध असलहों का नेटवर्क तैयार कर पिस्टल और रिवॉल्वर की सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का मंगलवार को एसटीएफ ने पर्दाफाश किया। एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर और गोरखपुर पुलिस की एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की गिरफ्तारी पैडलेगंज से मोहद्दीपुर जाने वाली सड़क पर विंध्यवासिनी पार्क के पास से की गई। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद हुआ है।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपियों के पास से .32 बोर की चार पिस्टल, चार मैगजीन और .32 बोर का एक रिवॉल्वर बरामद किया। इसके अलावा पांच कारतूस, एक बाइक, एक स्कूटी, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1250 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामद हथियारों और अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
एसटीएफ और पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में अवैध हथियारों की तस्करी और उनकी सप्लाई को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रारंभिक कार्रवाई में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य अवैध हथियार कहां से हासिल करते थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद पिस्टल और रिवॉल्वर की सप्लाई पूर्वांचल के किन-किन जिलों में की जाती थी। इसके अलावा हथियारों की खरीद, परिवहन और वितरण में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
संयुक्त टीम ने मंगलवार को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के आधार पर पैडलेगंज से मोहद्दीपुर जाने वाली सड़क पर निगरानी बढ़ाई थी। विंध्यवासिनी पार्क के पास संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर टीम ने पांच लोगों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से .32 बोर की चार पिस्टल और चार मैगजीन मिलीं। इसके साथ ही .32 बोर का एक रिवॉल्वर और पांच कारतूस भी बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से बाइक और स्कूटी समेत दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा 1250 रुपये भी बरामद किए।
हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद हथियारों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनमें से किसी का इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में तो नहीं हुआ है। इसके लिए हथियारों के स्रोत और उनके आपराधिक मामलों से संभावित संबंध की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल इस नेटवर्क के विस्तार और इसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान का है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के संपर्कों और हथियारों की सप्लाई चेन को खंगाल रही है। मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी भी जांच में अहम मानी जा रही है। पुलिस इनके संपर्क में रहने वाले संदिग्ध लोगों और संभावित खरीदारों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है।
एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को अवैध असलहा कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत देखा जा रहा है। अधिकारियों के स्तर पर बरामद हथियारों और गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। पूछताछ और जांच आगे बढ़ने के साथ गिरोह के नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।
फिलहाल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद चार पिस्टल, चार मैगजीन, रिवॉल्वर और पांच कारतूस को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद अवैध हथियारों की सप्लाई के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।