UP News: थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव के पास सीलबंद चमड़ा फैक्ट्री में सोमवार देर शाम एक महिला का सुलगता हुआ शव मिला। शव से धुआं उठता देख चरवाहों ने ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस भी वहां पहुंच गई। फैक्ट्री थाने से करीब सात-आठ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस का कहना है कि महिला की हत्या कर शव को जलाया गया है या उसे जिंदा जलाया गया है। यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा।
पुलिस ने बताया कि कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर रानीपुर के पास एक चमड़ा फैक्ट्री के पास कुछ चरवाहे मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान चरवाहों ने फैक्ट्री के अंदर से धुआं उठता देखा तो वे दीवार फांदकर अंदर पहुंचे। यहां उन्हें महिला का सुलगता हुआ शव दिखाई दिया, जिसमें से धुआं उठ रहा था। शव जलने के बाद लगभग कंकाल जैसा हो गया था। पास में ही रिफाइंड तेल का एक खाली डिब्बा भी पड़ा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी डिब्बे में मिट्टी का तेल, पेट्रोल या डीजल लाकर महिला को जलाया गया है। फिलहाल फोरेंसिक टीम ने शव की राख और बक्सा के अलावा हड्डियों के टुकड़े भी कब्जे में ले लिए हैं।
पुलिस अभी जांच कर ही रही थी कि गांव निवासी प्रकाश निषाद मौके पर पहुंचे और बताया कि उनकी पत्नी जगरानी (45) 4 सितंबर की सुबह से लापता हैं। लेकिन उन्होंने पत्नी का शव होने से इनकार किया। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को यह भी बताया कि सोमवार सुबह एक महिला दो युवकों के साथ बाइक पर ओवरब्रिज के आसपास घूमती देखी गई थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि फैक्ट्री में काफी समय पहले ममता साबुन बनता था। फैक्ट्री कानपुर निवासी एक व्यक्ति की बताई जा रही है, लेकिन मालिक का नाम स्पष्ट नहीं है। साबुन बनाने के बाद कुछ समय तक इसमें ट्रे भी बनाई गईं। इसके बाद चोरी-छिपे चमड़ा गलाने का काम शुरू हो गया। ग्रामीणों की शिकायत पर वर्ष 2020 में इस फैक्ट्री को सील कर दिया गया था। सीओ गौरव ने बताया कि बंद फैक्ट्री से महिला का शव बरामद हुआ है। शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।