लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अब बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने की तैयारी की गई है। नए नियमों के तहत बिजली कनेक्शन के आवेदनों में जूनियर इंजीनियर (जेई) की मनमानी पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है। अब आवेदन पर आपत्ति दर्ज करने के लिए जेई अपनी इच्छा से कारण नहीं लिख सकेंगे, बल्कि पोर्टल पर उपलब्ध तय विकल्पों में से कारण चुनना होगा।
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा और कनेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। इससे आवेदकों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि उनका आवेदन किस वजह से रोका गया है या उसमें क्या कमी पाई गई है।
अब तक कई मामलों में उपभोक्ताओं की शिकायत रहती थी कि बिजली कनेक्शन के आवेदन बिना स्पष्ट कारण बताए लंबित कर दिए जाते हैं। नई व्यवस्था के बाद अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और अनावश्यक देरी पर लगाम लगेगी।
नए सिस्टम के तहत जेई को आवेदन की जांच के बाद यदि कोई कमी मिलती है तो पोर्टल पर दिए गए निर्धारित कारणों में से ही विकल्प चुनना होगा। इसके बाद उपभोक्ता को भी ऑनलाइन माध्यम से आपत्ति या जवाब देने का मौका मिलेगा।
बिजली विभाग का मानना है कि इस कदम से कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी और उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए पूरी व्यवस्था को डिजिटल और सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि बिजली कनेक्शन से जुड़ी शिकायतों को कम करने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग सिस्टम और तय समय सीमा जैसी व्यवस्थाओं के बाद अब आपत्ति प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित किया गया है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा करें, ताकि आवेदन में किसी तरह की परेशानी न आए।
इस नई व्यवस्था से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग का दावा है कि इससे बिजली कनेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
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