बरेली : उत्तर प्रदेश में रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। रेलवे की ओर से निर्माण, मरम्मत और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए करीब एक महीने तक ब्लॉक लिए जाने की तैयारी है। लंबे समय तक चलने वाले इस ब्लॉक का असर कई यात्री ट्रेनों के परिचालन पर पड़ सकता है। रेलवे ने अलग-अलग ट्रेनों के मार्ग में बदलाव करने के साथ कुछ सेवाओं को नियंत्रित करने की व्यवस्था की है। ऐसे में आने वाले दिनों में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति जरूर जांचनी चाहिए।
रेलवे में ट्रैक, स्टेशन यार्ड, सिग्नलिंग व्यवस्था, ओवरब्रिज, अंडरपास या अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े बड़े कामों के दौरान ब्लॉक लिया जाता है। इसका उद्देश्य रेल परिचालन को सुरक्षित रखते हुए निर्माण और तकनीकी कार्यों को पूरा करना होता है। लेकिन जब किसी व्यस्त रेलखंड पर लंबे समय का ब्लॉक होता है तो इसका सीधा असर रोजाना उस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों पर पड़ता है।
इस बार करीब एक महीने तक ब्लॉक रहने के कारण यात्रियों को लंबी अवधि तक बदली हुई रेल व्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है।
कई ट्रेनों के बदले जाएंगे रूट
ब्लॉक की वजह से रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती नियमित ट्रेन संचालन को बनाए रखने की होगी। जिस रेलखंड पर काम किया जाएगा, वहां निर्धारित अवधि के दौरान ट्रेनों को सामान्य रास्ते से चलाना संभव नहीं होने पर उन्हें वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा सकता है।
डायवर्ट की गई ट्रेनें अपने निर्धारित रूट के कुछ स्टेशनों पर नहीं पहुंचेंगी। इसके बजाय उन्हें दूसरे रेलखंड से गंतव्य तक भेजा जाएगा। इसका मतलब यह है कि जिन यात्रियों ने बीच के प्रभावित स्टेशनों से टिकट बुक किया है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी होगी।
यात्रियों को यह जांचना चाहिए कि जिस दिन उनकी यात्रा निर्धारित है, उस दिन ट्रेन उनके स्टेशन पर आएगी या डायवर्जन के कारण किसी दूसरे रास्ते से गुजरेगी।
यात्रा का समय भी बढ़ सकता है
रूट बदलने का असर केवल स्टेशनों पर ही नहीं बल्कि यात्रा के कुल समय पर भी पड़ सकता है। वैकल्पिक मार्ग लंबा होने या उस रेलखंड पर ट्रैफिक अधिक होने की स्थिति में ट्रेनों को गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है।
डायवर्जन के दौरान किसी दूसरे रूट की क्षमता और वहां पहले से चल रही ट्रेनों को ध्यान में रखकर समय निर्धारित किया जाता है। कई बार ट्रेनों को रास्ते में अतिरिक्त समय तक रोकना भी पड़ सकता है।
ऐसे में आगे दूसरी ट्रेन पकड़ने वाले या जरूरी काम के लिए निश्चित समय पर पहुंचने की योजना बना रहे यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलना बेहतर होगा।
कुछ ट्रेनें हो सकती हैं नियंत्रित
रेलवे ब्लॉक के दौरान केवल रूट डायवर्जन ही नहीं बल्कि रेगुलेशन का विकल्प भी अपनाता है। इसके तहत किसी ट्रेन को रास्ते के स्टेशन पर कुछ समय के लिए रोककर बाद में आगे रवाना किया जाता है।
काम की प्रकृति के अनुसार ट्रेनों के समय में बदलाव भी संभव है। कुछ सेवाओं को निर्धारित स्टेशन से पहले समाप्त या बाद के स्टेशन से शुरू किया जा सकता है। रेलवे की भाषा में इन्हें शॉर्ट टर्मिनेशन और शॉर्ट ओरिजिनेशन कहा जाता है।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि बदलाव ट्रेन और यात्रा की तारीख के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए पुराने टाइम टेबल के भरोसे स्टेशन पहुंचना परेशानी बढ़ा सकता है।
रोजाना सफर करने वालों पर ज्यादा असर
एक महीने के लंबे ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जो नौकरी, कारोबार, पढ़ाई या दूसरे कामों के लिए नियमित रूप से ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं। दैनिक यात्रियों के लिए कुछ मिनट का बदलाव भी उनकी दिनचर्या प्रभावित कर सकता है।
अगर पैसेंजर या दूसरी नियमित ट्रेनें प्रभावित होती हैं तो आसपास के शहरों और कस्बों के बीच रोजाना आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
रेलवे स्टेशन पर अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है। खासकर उस समय जब किसी ट्रेन का मार्ग बदला गया हो या परिचालन में देरी हो रही हो।
टिकट बुक करने से पहले जांचें रूट
अगले कुछ सप्ताह के दौरान प्रभावित रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को टिकट बुक करते समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऑनलाइन टिकट बुक करते समय ट्रेन का रूट और संबंधित स्टेशन की स्थिति जांच लेना बेहतर होगा।
जिन यात्रियों के टिकट पहले से बुक हैं, उन्हें भी यात्रा की तारीख नजदीक आने पर ट्रेन की अपडेटेड स्थिति देखनी चाहिए। रेलवे परिचालन संबंधी परिस्थितियों के आधार पर बदलावों में संशोधन भी कर सकता है।
अगर ट्रेन डायवर्ट होकर चल रही है तो यह देखना जरूरी है कि आपका बोर्डिंग और गंतव्य स्टेशन उसके संशोधित मार्ग में शामिल है या नहीं।
स्टेशन पहुंचने से पहले जरूर लें जानकारी
रेल यात्रियों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि यात्रा वाले दिन ट्रेन की लाइव स्थिति और आधिकारिक सूचना जांचें। रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा और संबंधित स्टेशन से जानकारी ली जा सकती है।
विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और अधिक सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से जानकारी रखना जरूरी है। ट्रेन के बदले हुए स्टेशन या समय की जानकारी आखिरी समय पर मिलने से परेशानी बढ़ सकती है।
अगर परिवार के साथ लंबी दूरी की यात्रा है तो स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की वर्तमान स्थिति की दोबारा पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
आखिर क्यों जरूरी होता है रेलवे ब्लॉक?
रेल यात्रियों के लिए ब्लॉक असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन रेलवे के संचालन में यह जरूरी प्रक्रिया है। रेलवे ट्रैक और उससे जुड़े ढांचे पर लगातार भारी दबाव रहता है। समय-समय पर ट्रैक की मरम्मत, सिग्नल सिस्टम में बदलाव, यार्ड रीमॉडलिंग और दूसरी तकनीकी परियोजनाओं के लिए ट्रेनों की आवाजाही सीमित करनी पड़ती है।
कई बड़े निर्माण कार्य चलती ट्रेनों के बीच सुरक्षित तरीके से नहीं किए जा सकते। ऐसे में निर्धारित समय के लिए रेल यातायात रोककर या सीमित करके काम किया जाता है।
निर्माण पूरा होने के बाद रेलखंड की क्षमता और परिचालन व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद रहती है। हालांकि काम चलने तक यात्रियों को बदली हुई व्यवस्था का सामना करना पड़ता है।
एक महीने तक यात्रियों को रखनी होगी नजर
एक महीने का समय सामान्य रेल ब्लॉक की तुलना में लंबा है। इसलिए इसका प्रभाव अलग-अलग तारीखों पर अलग ट्रेनों में दिखाई दे सकता है। जरूरी नहीं कि पूरे महीने हर ट्रेन एक ही तरीके से प्रभावित हो। काम के चरण और ब्लॉक के समय के अनुसार रेलवे ट्रेन संचालन में बदलाव कर सकता है।
इसी वजह से किसी एक दिन की सूचना को पूरे महीने के लिए सही मानकर यात्रा की योजना नहीं बनानी चाहिए। जिस तारीख को यात्रा करनी हो, उसके नजदीक ट्रेन की स्थिति दोबारा जांचना बेहतर रहेगा।
त्योहारी या छुट्टियों के समय यात्रा करने वाले लोगों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि ऐसे समय में ट्रेनों में पहले से ज्यादा भीड़ रहती है।
कुल मिलाकर रेलवे के एक महीने के ब्लॉक के चलते यात्रियों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई ट्रेनों के रूट में बदलाव और परिचालन नियंत्रण से यात्रा का समय बढ़ सकता है। हालांकि यह ब्लॉक रेलवे के निर्माण और तकनीकी कार्यों को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए लिया जाता है। ऐसे में यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे सफर से पहले ट्रेन का संशोधित रूट, समय और लाइव स्टेटस जरूर जांच लें।
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