अलीगढ़। श्रावण मास के तीसरे सोमवार 17 अगस्त को शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए यातायात पुलिस ने जिले में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का फैसला किया है। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। कई मार्गों को नो-ट्रैफिक जोन बनाया गया है, जबकि भारी और कमर्शियल वाहनों के शहर में प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा जाएगा।

श्रावण सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने मंदिरों की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात को नियंत्रित करने की योजना बनाई है।

यातायात पुलिस के अनुसार, सारसौल चौराहे से नादा पुल होते हुए खैरेश्वर मंदिर तक का मार्ग नो-ट्रैफिक जोन रहेगा। इस रास्ते पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की बड़ी संख्या में आवाजाही होने की संभावना है। ऐसे में सामान्य वाहनों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा एटा चुंगी से दुबे पड़ाव होते हुए कंपनी बाग चौराहा तक भी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। हरिदासपुर कट से खैरेश्वर चौराहे तक के मार्ग को भी नो-ट्रैफिक जोन घोषित किया गया है। इन रास्तों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर यातायात व्यवस्था संभाली जाएगी।

खैरेश्वर मंदिर में उमड़ सकती है भारी भीड़

श्रावण सोमवार को खैरेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए रविवार रात से ही मंदिर की ओर पहुंचना शुरू कर सकते हैं। ऐसे में मंदिर के आसपास वाहनों की भीड़ से श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने पहले से डायवर्जन तैयार किया है।

कांवड़ियों की सुरक्षा पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। कांवड़ लेकर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती है। इसी कारण शहर में आने वाले भारी और व्यावसायिक वाहनों को कई स्थानों से डायवर्ट किया जाएगा।

प्रतिबंधित मार्गों पर बैरिकेडिंग के साथ यातायात पुलिसकर्मी तैनात रह सकते हैं। वाहन चालकों को मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के निर्देश के अनुसार वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।

भारी वाहनों पर विशेष प्रतिबंध

शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम रखने के लिए भारी और कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर विशेष नियंत्रण रहेगा। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ट्रक और अन्य बड़े व्यावसायिक वाहनों को निर्धारित मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। इसका उद्देश्य मंदिरों और कांवड़ मार्गों के आसपास भारी वाहनों को पहुंचने से रोकना है।

श्रावण सोमवार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं। कई श्रद्धालु समूह में कांवड़ लेकर चलते हैं। ऐसे में भारी वाहनों और श्रद्धालुओं की एक ही मार्ग पर आवाजाही सुरक्षा के लिहाज से जोखिम पैदा कर सकती है। ट्रैफिक डायवर्जन से इस खतरे को कम करने का प्रयास किया जाएगा।

पुलिस ने आम वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें और अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक रास्तों का चयन करें। इससे जाम से बचने के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित मार्ग बनाए रखने में मदद मिलेगी।

एंबुलेंस को मिलेगी छूट

यातायात प्रतिबंधों के बीच एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को विशेष छूट दी गई है। मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए एंबुलेंस को प्रतिबंधित मार्गों से जरूरत के अनुसार गुजरने की अनुमति होगी।

अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी डायवर्जन से मुक्त रखा जाएगा। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को ऐसी गाड़ियों के लिए रास्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस

श्रावण के सोमवार को मंदिरों के आसपास सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा भीड़ रहती है। मंदिर परिसर के साथ आसपास की सड़कों पर भी श्रद्धालुओं की कतारें लग सकती हैं। ऐसे में वाहन यातायात को सीमित करना भीड़ प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पुलिस की कोशिश रहेगी कि कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं के पैदल मार्ग पर वाहन न आएं। मंदिरों के पास अनियंत्रित पार्किंग को रोकना भी जरूरी होगा। गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन सड़क की चौड़ाई कम कर सकते हैं और इससे जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।

यातायात पुलिस ने लोगों से धार्मिक आयोजन के दौरान सहयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है। वाहन चालकों को बैरिकेड हटाने या प्रतिबंधित मार्ग में जबरन प्रवेश करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।

सोमवार सुबह से बढ़ेगा दबाव

मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना रविवार रात से शुरू हो सकता है, जबकि सोमवार तड़के से भीड़ तेजी से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में खैरेश्वर मंदिर और अन्य प्रमुख शिवालयों की ओर जाने वाले रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस अलग-अलग स्थानों पर ट्रैफिक नियंत्रित करेगी। भीड़ बढ़ने की स्थिति में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मार्गों पर भी वाहनों को रोका या डायवर्ट किया जा सकता है।

श्रावण का सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। बड़ी संख्या में शिवभक्त गंगाजल और अन्य पवित्र जल लेकर मंदिरों में पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन को सड़क यातायात पर विशेष निगरानी रखनी पड़ती है।

घर से निकलने से पहले रखें डायवर्जन का ध्यान

17 अगस्त को शहर में निकलने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी रखना महत्वपूर्ण होगा। सारसौल चौराहे से नादा पुल होते हुए खैरेश्वर मंदिर, एटा चुंगी से दुबे पड़ाव होकर कंपनी बाग चौराहा और हरिदासपुर कट से खैरेश्वर चौराहे तक सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा।

यातायात पुलिस का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के साथ शहर में जाम की स्थिति को नियंत्रित रखना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर वाहन लेकर न जाएं और पुलिस द्वारा निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

सोमवार को मंदिरों के आसपास भारी भीड़ को देखते हुए वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी गई है। वहीं एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ते खुले रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस की ओर से पूरे आयोजन के दौरान प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट पर निगरानी रखी जाएगी।

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