मुजफ्फरनगर :  श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार शाम जिले में सेवा, सहयोग और मानवता की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल अपने गंतव्य की ओर जा रहे एक शिवभक्त की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद अन्य कांवड़ियों, स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए मदद के लिए हाथ बढ़ाया और उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

घटना मुजफ्फरनगर के कच्ची सड़क क्षेत्र स्थित गाजा वाली पुलिया के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के यमुना विहार निवासी आयुष पुत्र हरवीर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल कांवड़ यात्रा पर निकले थे। रविवार शाम करीब छह बजे जब वह उक्त स्थान पर पहुंचे, तभी लगातार पैदल चलने, गर्मी और उमस के कारण अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। देखते ही देखते वह सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़े।

कांवड़िए को सड़क पर गिरता देख आसपास मौजूद श्रद्धालुओं और राहगीरों में कुछ देर के लिए चिंता का माहौल बन गया। लोग तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े। इस दौरान एक अज्ञात शिवभक्त ने सबसे पहले उनकी कांवड़ को संभाला, ताकि उसमें रखा पवित्र गंगाजल सुरक्षित रहे। इसके बाद अन्य श्रद्धालुओं ने आयुष को उठाकर संभालने का प्रयास किया। लोगों ने उन्हें हवा की, पानी के छींटे मारे और होश में लाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में तुरंत सुधार नहीं आया।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय थाना प्रभारी ने अपनी सरकारी गाड़ी से घायल और बेहोश शिवभक्त को जिला अस्पताल पहुंचाया। उनके साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि आयुष अपने साथ चल रहे अन्य कांवड़ यात्रियों से कुछ दूरी पर हो गए थे। उनके कुछ साथी आगे निकल चुके थे, जबकि कुछ पीछे चल रहे थे। ऐसे समय में मौके पर मौजूद अनजान शिवभक्त और स्थानीय लोगों ने ही उनके लिए मदद का हाथ बढ़ाया। अगर समय रहते सहायता नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कई किलोमीटर की लगातार पैदल यात्रा, तेज गर्मी और उमस के कारण आयुष की तबीयत बिगड़ी। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी दूरी पैदल तय करते हैं, ऐसे में प्रशासन और पुलिस लगातार यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

इस घटना ने एक बार फिर कांवड़ यात्रा में सेवा और सहयोग की भावना को उजागर किया है। जहां एक ओर अज्ञात शिवभक्त ने दूसरे यात्री की आस्था से जुड़ी कांवड़ को संभालकर जिम्मेदारी निभाई, वहीं पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए समय पर अस्पताल पहुंचाकर मानवता का परिचय दिया।

थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह की इस पहल की भी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने सराहना की। अस्पताल पहुंचाने के बाद वह दोबारा अपने ड्यूटी स्थल पर लौट गए और कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में जुट गए। इस पूरे घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और एक-दूसरे की मदद करने की भावना का भी प्रतीक है।

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