Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार की ओर से लाए जा रहे परिसीमन बिल को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि बिल पेश करने से पहले केंद्र सरकार को सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा करनी चाहिए और इसके लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि केंद्र सरकार परिसीमन से जुड़ा विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर फैसला लेने से पहले सभी दलों की राय लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
सपा विधायक ने कहा कि परिसीमन का सीधा संबंध देश के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और निर्वाचन क्षेत्रों की संरचना से जुड़ा है। इसलिए इस पर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार विधेयक को सभी राजनीतिक दलों के सामने रखे और उनकी आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार करे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग भी की जा रही है। मेहरोत्रा ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह सभी पक्षों को साथ लेकर आगे बढ़े।
परिसीमन प्रक्रिया देश में लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाओं के निर्धारण से जुड़ी होती है। इसे लेकर समय-समय पर राजनीतिक दल अपनी राय रखते रहे हैं। कई दलों का कहना है कि परिसीमन में राज्यों के हितों और प्रतिनिधित्व के संतुलन का ध्यान रखा जाना चाहिए। सपा विधायक के बयान के बाद परिसीमन को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे हैं कि किसी भी बड़े संवैधानिक बदलाव से पहले व्यापक सहमति बनाई जाए।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले समय में संसद और राजनीतिक मंचों पर परिसीमन को लेकर चर्चा बढ़ने की संभावना है। फिलहाल समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और सभी दलों को विश्वास में लेने की मांग कर रहे हैं।