लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र स्थित नौबस्ता ब्राह्मणी टोला में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुए विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के फरार चाचा राजेश शुक्ला और बहन दिव्या शुक्ला पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से फरार आरोपियों की लोकेशन पता लगाने में जुटी है। इस मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला समेत छह लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वारदात के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है और पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
फरार चाचा और बहन पर 25-25 हजार का इनाम
लखनऊ के पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जितेंद्र श्रीवास्तव ने तिहरे हत्याकांड में फरार चल रहे राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है।राजेश शुक्ला मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला का चाचा है, जबकि दिव्या उसकी बहन बताई जा रही है। दोनों का नाम हत्याकांड से संबंधित मुकदमे में शामिल है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद से दोनों फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पांच पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। टीमें उन्नाव, सीतापुर और रायबरेली समेत आसपास के जिलों में भी संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपियों को उनके परिचितों या रिश्तेदारों की मदद मिल सकती है। इसलिए उन्हें शरण देने या सहायता पहुंचाने वाले संभावित व्यक्तियों की भूमिका भी जांची जा रही है।
कार पार्किंग विवाद में हुई थी तीन लोगों की हत्या
जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को सआदतगंज के नौबस्ता ब्राह्मणी टोला में पड़ोसी परिवारों के बीच कार पार्किंग और चबूतरे के निर्माण को लेकर विवाद हुआ था।आरोप है कि विवाद के दौरान ऋषभ शुक्ला ने अपने पड़ोस में रहने वाले तिवारी परिवार के सदस्यों पर पिस्टल से गोलियां चला दीं।इस गोलीबारी में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई।शिवाजी तिवारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लखनऊ पश्चिम क्षेत्र में पूर्व सह-कार्यवाह रह चुके थे।एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला।पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया था।
छह आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ शुक्ला के अलावा उसके पिता दिनेश शुक्ला, परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार शामिल हैं।पुलिस के मुताबिक, पीड़ित पक्ष की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि घटना के दौरान कुछ अन्य लोगों ने भी मारपीट की और ऋषभ को गोली चलाने के लिए कथित रूप से उकसाया।इन आरोपों की जांच जारी है। सभी गिरफ्तार व्यक्तियों की अलग-अलग भूमिका का निर्धारण साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।फरार राजेश और दिव्या की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे भी पूछताछ कर घटना के पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने का प्रयास करेगी।
आरोपी के मकान पर चला बुलडोजर
हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला की संपत्ति से जुड़े निर्माण की भी जांच शुरू की।लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने आरोपी के मकान के एक कथित अवैध हिस्से पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।प्रशासन ने मकान की बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा हटाया और अन्य निर्माण की वैधता की जांच शुरू की।इसके अतिरिक्त जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए ईटीएस मशीन से पैमाइश कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि संबंधित भूमि और निर्माण निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।हालांकि, अवैध निर्माण से संबंधित कार्रवाई और हत्या के आपराधिक मामले की न्यायिक प्रक्रिया अलग-अलग विषय हैं।
लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
तिहरे हत्याकांड के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं।बताया गया कि दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद चल रहा था और पुलिस को इसकी जानकारी भी थी।मामले में पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने सआदतगंज थाने के प्रभारी और संबंधित पुलिस चौकी के उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया।दोनों अधिकारियों की कथित लापरवाही की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।पुलिस प्रशासन अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि पहले प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी और क्या इस गंभीर घटना को रोका जा सकता था।
वायरल वीडियो से सामने आए नए तथ्य
हत्याकांड से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन वीडियो में गोलीबारी की घटना और उसके बाद का घटनाक्रम दिखाई देता है।वीडियो में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला खुद को आत्मरक्षा में गोली चलाने वाला बताता सुनाई देता है।हालांकि, आरोपी का यह दावा जांच का विषय है। इसे पुलिस या अदालत द्वारा स्वीकार किया गया तथ्य नहीं माना जा सकता।वीडियो सामने आने के बाद घटना की परिस्थितियों और पुलिस की पहले की कार्रवाई को लेकर नए सवाल खड़े हुए हैं।पुलिस के लिए ये वीडियो घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं।
डीजीपी ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।उन्होंने परिवार को उचित न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।डीजीपी ने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा और आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया था।पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
करवा चौथ पर भी परिवार में पसरा रहा मातम
तिहरे हत्याकांड के कारण पीड़ित परिवार में गहरा शोक है।गुरुवार को करवा चौथ के अवसर पर भी परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। जिन महिलाओं ने अपने पति खो दिए, उनके लिए यह त्योहार बेहद दुखद रहा।रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार में धार्मिक और अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में पूरी की जा रही हैं।मृतक सुयश तिवारी की शादी भी आगामी दिसंबर में होने वाली थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इस घटना ने खुशियों को मातम में बदल दिया।पीड़ित परिवार अब आरोपियों को सजा दिलाने और न्याय मिलने की उम्मीद लगाए हुए है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस का जोर
फिलहाल लखनऊ पुलिस की प्राथमिकता राजेश शुक्ला और दिव्या शुक्ला को गिरफ्तार करना है।इनाम घोषित होने के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश और तेज कर दी है। सर्विलांस, मुखबिरों और आसपास के जिलों की पुलिस की सहायता से उनके संभावित ठिकानों का पता लगाया जा रहा है।इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से संबंधित साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों फरार आरोपी कब गिरफ्तार होते हैं और मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।