वाराणसी : 30 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देश की राजधानी नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार, 31 अक्टूबर को वाराणसी से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की है। नई ट्रेन के संचालन से पूर्वांचल और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ रात्रिकालीन रेल यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।रेल मंत्रालय के अनुसार, यह नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी और नई दिल्ली के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी। यह ट्रेन विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जो व्यापार, नौकरी, पढ़ाई, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के लिए नियमित रूप से दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सफर करते हैं। ट्रेन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्री रात में सफर करके अगली सुबह अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।भारतीय रेलवे ने बताया कि इस ट्रेन का संचालन वाराणसी से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली तक किया जाएगा। इस रूट के माध्यम से उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों को राजधानी से बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। प्रयागराज, कानपुर और अलीगढ़ जैसे शहरों के यात्रियों को भी अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी समय सारिणी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी। इस प्रकार वाराणसी से नई दिल्ली की यात्रा लगभग 9 घंटे 20 मिनट में पूरी होगी।वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी। वापसी का कुल यात्रा समय लगभग 9 घंटे 30 मिनट होगा। रेलवे के अनुसार, नई ट्रेन मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 35 मिनट का समय बचाएगी।नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से चलने वाली सेवा शुक्रवार को उपलब्ध नहीं होगी, जबकि नई दिल्ली से रवाना होने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। इस व्यवस्था के माध्यम से नियमित यात्रियों को सप्ताह के अधिकांश दिनों में रात्रिकालीन यात्रा की सुविधा मिलेगी।वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्रा के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक तकनीक, आरामदायक बर्थ, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और उन्नत सुरक्षा प्रणालियां उपलब्ध कराई गई हैं। ट्रेन के कोच पूरी तरह वातानुकूलित होंगे और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए हैं।
इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 823 यात्रियों के लिए स्थान उपलब्ध होगा। इनमें प्रथम श्रेणी एसी का एक कोच, द्वितीय श्रेणी एसी के चार और तृतीय श्रेणी एसी के 11 कोच शामिल होंगे। इस व्यवस्था से विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों को आधुनिक स्लीपर सुविधाओं के साथ यात्रा करने का अवसर मिलेगा।रेलवे के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन में ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (TCAS) लगाई गई है। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे, धुआं और आग का पता लगाने वाली प्रणाली, आपातकालीन अलार्म बटन और अग्नि सुरक्षा दरवाजे भी लगाए गए हैं। किसी आपात स्थिति में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक संचार प्रणाली का प्रावधान किया गया है।यात्रियों की सुविधा के लिए कोचों में आधुनिक शौचालय, पर्याप्त सामान रखने की जगह और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। ट्रेन में यूएसबी टाइप-ए और टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट के साथ तीन-पिन वाले बिजली सॉकेट दिए गए हैं। प्रथम एसी श्रेणी के यात्रियों के लिए गर्म पानी से स्नान की सुविधा का भी प्रावधान किया गया है।दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और अनुकूल शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा ट्रेन में ध्वनि कम करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यात्रा के दौरान शोर कम हो और यात्रियों को बेहतर आराम मिल सके।भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन में ऊर्जा दक्षता पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली का उपयोग किया गया है, जो ब्रेक लगाने के दौरान ऊर्जा की बचत में मदद करती है। ट्रेन की एयरोडायनामिक डिजाइन और आधुनिक प्रणोदन प्रणाली यात्रा को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
वाराणसी धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अनेक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक वाराणसी पहुंचते हैं। ऐसे में नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से धार्मिक पर्यटन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।इसके अलावा प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शैक्षणिक एवं व्यावसायिक केंद्रों के विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी नई सेवा से सुविधा मिलेगी। रात में यात्रा करके सुबह दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, जिन्हें कार्यालय, परीक्षा, चिकित्सा या अन्य आवश्यक कार्यों से यात्रा करनी पड़ती है।वंदे भारत स्लीपर सेवाओं का विस्तार भारतीय रेलवे की आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है। इससे पहले जनवरी 2026 में हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर सेवाएं शुरू की गई थीं। अब वाराणसी और नई दिल्ली के बीच नई सेवा शुरू होने से इस आधुनिक रेल नेटवर्क का विस्तार होगा।रेलवे का लक्ष्य लंबी दूरी की यात्राओं को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध बनाना है। नई स्लीपर ट्रेन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। हालांकि, यात्रियों को टिकट की कीमत, उपलब्धता और नियमित बुकिंग से संबंधित जानकारी रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से प्राप्त करनी होगी।फिलहाल 31 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन समारोह की तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव संयुक्त रूप से ट्रेन को रवाना करेंगे। इसके बाद वाराणसी और नई दिल्ली के बीच यात्रियों को आधुनिक रेल यात्रा का नया विकल्प उपलब्ध होगा।
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