Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की मेधावी छात्राओं को बड़ा तोहफा देते हुए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना समेत कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। योजना के तहत इस साल प्रदेश की करीब 50 हजार स्नातक पास छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का उद्देश्य है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिले। योजना के माध्यम से छात्राओं को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई और करियर पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद स्कूटी वितरण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि अगले महीने से छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सरकार की ओर से योजना के क्रियान्वयन को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत छात्राओं को केवल स्कूटी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि इसके साथ सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आईएसआई मार्का हेलमेट, जरूरी एसेसरीज और शुरुआती उपयोग के लिए चार लीटर पेट्रोल भी सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।
योगी सरकार ने इस योजना के लिए पहले ही बजट में प्रावधान कर दिया था। पिछले बजट में स्कूटी योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
सरकार का कहना है कि महिलाओं और छात्राओं को सशक्त बनाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
योजना के तहत पात्र छात्राओं के चयन के लिए जल्द ही नियम और प्रक्रिया जारी की जा सकती है। इसमें छात्राओं की शैक्षणिक योग्यता, पात्रता और अन्य जरूरी मानकों को शामिल किया जाएगा। संबंधित विभाग योजना की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं ताकि लाभ सही छात्राओं तक पहुंच सके।
इस योजना को लेकर छात्राओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं को इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। कई छात्राओं को कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में दूरी और परिवहन की समस्या का सामना करना पड़ता है। स्कूटी मिलने से उनकी यह परेशानी कम हो सकती है।
राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से छात्राओं की शिक्षा में निरंतरता बढ़ेगी और उच्च शिक्षा के प्रति उनका रुझान भी मजबूत होगा। इसके अलावा यह योजना महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भी सहायक साबित हो सकती है।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी मिलने के बाद अब सरकार का अगला कदम पात्र छात्राओं की पहचान और वितरण व्यवस्था को अंतिम रूप देना होगा। आने वाले समय में प्रदेश की हजारों छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।