Hathras. हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव ऐहन के मजरा छोटा लाडपुर में रहने वाले एक परिवार का दावा है कि उनकी 17 वर्षीय बेटी को करीब डेढ़ महीने के भीतर आठ बार सांप ने डंसा है। मंगलवार को एक बार फिर कथित तौर पर सांप के डंसने के बाद किशोरी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई। किशोरी की पहचान अनीता के रूप में हुई है। वह बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा बताई गई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह से ही घर में एक काला सांप दिखाई दे रहा था। परिवार के सदस्य सांप को लेकर सतर्क थे, लेकिन शाम को घर के अंदर काम करने के दौरान अनीता को कथित तौर पर उसने डंस लिया। किशोरी ने शोर मचाया तो परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए।
अनीता के पिता कोमल गौतम का दावा है कि यह पहली घटना नहीं है। उनके मुताबिक करीब डेढ़ महीने में बेटी को आठ बार सांप डंस चुका है। परिवार का कहना है कि एक समय तीन दिनों के भीतर तीन बार ऐसी घटनाएं हुई थीं। हर बार किशोरी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बार-बार हो रही घटनाओं ने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि काला सांप कई बार घर में दिखाई देता है, लेकिन पकड़ने की कोशिश करने पर दीवार की दरारों या सामान के पीछे छिप जाता है। परिवार ने उसे पकड़ने के लिए स्थानीय स्नेक कैचरों की मदद भी ली, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।
सांप के नहीं पकड़े जाने के कारण परिवार को घर के अन्य सदस्यों, खासकर बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। परिजनों के मुताबिक बच्चे भी घर के अंदर जाने से डरने लगे हैं। लगातार प्रयास के बाद अब परिवार ने वन विभाग से मदद मांगी है। उनकी मांग है कि विशेषज्ञों की टीम घर और आसपास के क्षेत्र की जांच करे और सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़े।
घटना की चर्चा गांव में भी तेजी से फैल गई है। कुछ लोग इसे अलग-अलग मान्यताओं से जोड़ रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिक तौर पर यह पुष्टि नहीं हुई है कि हर बार एक ही सांप ने किशोरी को डंसा है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित तौर पर बार-बार दिखाई देने वाला सांप किस प्रजाति का है। विशेषज्ञ जांच के बिना यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि सभी घटनाओं के पीछे एक ही सांप है। फिलहाल परिवार वन विभाग की मदद का इंतजार कर रहा है, ताकि घर और आसपास सांप की मौजूदगी की जांच की जा सके और परिवार को डर से राहत मिल सके।
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