भारत की चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, पूरी दुनिया करती है सराहना: मंत्री दया शंकर मिश्र
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Lucknow. लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या में किए जा रहे विकास कार्यों के नाम पर आम लोगों को परेशानी के आरोप पर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अखिलेश को पहले अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों की ओर ध्यान देना चाहिए।
सपा को बर्दाश्त नहीं हो रहा विकास
उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों को सपा बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। जिले में 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आज देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग अयोध्या आ रहे हैं। जिस तरह मुस्लिम अपने जीवन में कम से कम एक बार मक्का और मदीना जाने का सपना देखते हैं और ईसाई वेटिकन सिटी जाने की इच्छा रखते हैं।
उसी तरह भारत और दुनिया के हर कोने में रहने वाला हिंदू भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या आने का सपना देखता है। उन्होंने कहा कि जहां भी विकास होता है, वहां कुछ समस्याएं भी सामने आती हैं। लेकिन अयोध्या में पर्यटन और रोजगार के बढ़ते अवसरों को भी देखना चाहिए। अखिलेश यादव के कार्यकाल में क्या हुआ था? उनके पार्टी के लोगों ने गोलियां चलाकर सरयू नदी का पानी लाल कर दिया था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कभी सत्ता में नहीं आने वाली है। उत्तर प्रदेश में अगली सरकार भी योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की ही बनेगी।
जनता ने अखिलेश को नकारा : दया शंकर मिश्र
अखिलेश यादव द्वारा चुनाव आयोग को कठपुतली बताए जाने और यह कहे जाने कि यदि जनता नहीं जागी तो आगामी चुनाव आखिरी चुनाव होंगे, पर आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता की पूरी दुनिया सराहना करती है। यही कारण है कि भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है।
उन्होंने कहा कि जनता ने ही अखिलेश यादव को नकारा है। वह न तो अपनी कार्यशैली बदलना चाहते हैं और न ही अपनी भाषा में बदलाव ला रहे हैं। वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी नियंत्रण नहीं रखते। वह केवल सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सरकार की आलोचना करते हैं। दयालु ने कहा कि देशहित में चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की आलोचना करना उचित नहीं है।
दयालु ने आगे कहा कि चुनाव नजदीक हैं और हताशा में सपा प्रमुख इस तरह के बयान देते रहेंगे, लेकिन सरकार बेहतर तरीके से काम कर रही है और जनता खुश है। अयोध्या को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वहां भूमि अधिग्रहण लोगों के हित में किया गया है। यदि सड़कों पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटाने से पहले नगर निगम की ओर से नियमानुसार नोटिस दिया जाता है।
अखिलेश की राजनीती जाती आधारित
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राज्य सरकार पर अयोध्या में लोगों की समस्याओं की अनदेखी करते हुए सार्वजनिक संपत्तियों को ध्वस्त करने के आरोप पर उत्तर प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा प्रमुख को पहले जनता को यह बताना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने क्या विकास कार्य कराए थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति पूरी तरह जाति आधारित है। जब भी अयोध्या का उल्लेख होता है, वह मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने लगते हैं। आज तक अखिलेश यादव अयोध्या स्थित राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए हैं। इसके विपरीत भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम करती है।