6 बार खारिज हुई अर्जी सातवीं बार केके शर्मा को मिली जमानत
बिकरू कांड में नया मोड़ पूर्व चौकी इंचार्ज समेत दो की जमानत मंजूर
Prayagraj. प्रयागराज। कानपुर के बहुचर्चित बिकरू कांड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व चौकी इंचार्ज केके शर्मा उर्फ कृष्ण कुमार शर्मा और शिवम दुबे उर्फ दलाल को सशर्त जमानत दे दी है। दोनों जुलाई 2020 से जेल में बंद हैं। यह उनकी सातवीं जमानत अर्जी थी। इससे पहले छह बार जमानत की मांग खारिज हो चुकी थी। जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की सिंगल बेंच ने दोनों आरोपियों की लंबी हिरासत और मुकदमे की मौजूदा स्थिति समेत अन्य तथ्यों को देखते हुए जमानत मंजूर की।
अदालत ने मामले की सुनवाई की प्रगति और अन्य सह-आरोपियों को मिल चुकी जमानत को भी ध्यान में रखा। हाईकोर्ट ने दोनों को निर्धारित शर्तों का पालन करने के निर्देश के साथ राहत दी है। जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है और उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।
दोनों आरोपियों के खिलाफ कानपुर के चौबेपुर थाने में दर्ज मामले में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और आपराधिक षड्यंत्र समेत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई थीं।
केके शर्मा बिकरू कांड के समय चौबेपुर थाना क्षेत्र की हल्का चौकी के प्रभारी थे। मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर जांच के बाद उन्हें आरोपी बनाया गया था। लंबे समय से जेल में बंद शर्मा ने कई बार जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब सातवीं अर्जी पर उन्हें राहत मिली है। शिवम दुबे उर्फ दलाल को भी इसी मामले में सशर्त जमानत दी गई है।
2-3 जुलाई 2020 की रात हुआ था बिकरू कांड
कानपुर के बिकरू गांव में 2 और 3 जुलाई 2020 की रात पुलिस टीम गैंगस्टर विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस टीम पर हमला और गोलीबारी हुई थी। इस घटना में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। वारदात के बाद उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर पुलिस अभियान शुरू किया गया था। घटना के बाद विकास दुबे समेत उसके कई साथियों की तलाश शुरू हुई। बाद में विकास दुबे और उसके छह साथियों की अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में मौत हुई थी। बिकरू कांड से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
कई आरोपियों को पहले मिल चुकी है जमानत
कानपुर पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार बिकरू मामले में 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 13 को जमानत मिल चुकी थी और नौ लोग जेल से रिहा हो चुके थे। जमानत पाने वालों में खुशी दुबे और चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी भी शामिल हैं।
अब पूर्व चौकी इंचार्ज केके शर्मा और शिवम दुबे को भी हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। अदालत ने लंबी हिरासत के साथ मुकदमे की प्रगति और सह-आरोपियों को मिली जमानत को महत्वपूर्ण माना। दोनों की रिहाई अदालत की ओर से निर्धारित जमानत की शर्तें पूरी होने के बाद होगी। करीब छह साल पुराने बिकरू कांड में यह आदेश महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि जमानत के बावजूद दोनों के खिलाफ चल रहा मुकदमा समाप्त नहीं हुआ है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण ट्रायल और अदालत के फैसले के आधार पर ही होगा।