मुरादाबाद में राहत की खबर वन विभाग के पिंजरे में फंसा खूंखार तेंदुआ
वन विभाग का बड़ा एक्शन 10वां तेंदुआ रेस्क्यू
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। सहसपुरी क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का कारण बने एक और तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया है। यह जिले में पकड़ा गया 10वां तेंदुआ बताया जा रहा है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार निगरानी और अभियान चलाया था। क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाए गए थे। आखिरकार सहसपुरी इलाके में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया।
कई दिनों से बना हुआ था डर का माहौल
सहसपुरी और आसपास के गांवों में तेंदुए की आवाजाही से ग्रामीणों में डर बना हुआ था। लोगों ने कई बार तेंदुए को खेतों और आबादी वाले इलाकों के आसपास देखा था। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाई और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है। ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता कुछ कम हुई है।
वन विभाग की टीम ने चलाया अभियान
DFO (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) के निर्देश पर वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही थी। टीम ने तेंदुए की गतिविधियों को समझने के लिए कैमरे और पिंजरे लगाए थे। अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा या अन्य प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
DFO ने लोगों से की अपील
DFO ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि लोग तेंदुए को पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचें और खेतों या जंगल के आसपास जाते समय सावधानी बरतें।
बढ़ रही है मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं
मुरादाबाद समेत कई इलाकों में जंगलों के आसपास बढ़ती मानवीय गतिविधियों के कारण वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों में आना बढ़ा है। तेंदुए जैसे जानवर भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में गांवों तक पहुंच जाते हैं। वन विभाग का कहना है कि लोगों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है।