लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की महत्वाकांक्षी आईटी सिटी योजना से जुड़ा बड़ा निर्णय जल्द सामने आ सकता है। योजना क्षेत्र के 11 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार, यदि शासन से अनुमति मिलती है तो संबंधित गांवों में रजिस्ट्री प्रक्रिया अस्थायी रूप से बंद की जा सकती है। यह कदम आईटी सिटी परियोजना को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और अनियमित खरीद-फरोख्त को रोकने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
एलडीए ने अब तक लगभग 1000 एकड़ भूमि लैंडपूलिंग प्रक्रिया के माध्यम से एकत्रित कर ली है। इस प्रक्रिया में मूल भूस्वामी अपनी जमीन योजना में शामिल कर विकास के बाद निर्धारित हिस्सेदारी प्राप्त करेंगे।
प्राधिकरण का कहना है कि लैंडपूलिंग मॉडल से किसानों और जमीन मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उन्हें विकसित भूखंड वापस दिए जाएंगे।
योजना के तहत पहले चरण की लॉटरी 28 फरवरी को प्रस्तावित है। इसमें पात्र भूस्वामियों को विकसित भूखंड आवंटित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
एलडीए अधिकारियों का मानना है कि खरीद-बिक्री पर रोक से भूमि संबंधी विवादों और सट्टेबाजी पर अंकुश लगेगा तथा परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी।
आईटी सिटी योजना को राजधानी के तकनीकी और औद्योगिक विकास की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। शासन स्तर पर प्रस्ताव पर निर्णय के बाद स्थिति स्पष्ट.