Ghaziabad: संपत्ति कर बढ़ोतरी पर सपा का हमला, 6 लाख परिवार प्रभावित
"सरकार को घेरा, लगाए आरोप"
गाजियाबाद: समाजवादी पार्टी के गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने बढ़े हुए संपत्ति कर को लेकर सरकार और नगर निगम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मंत्रीगण, विधायकगण, महापौर और अधिकारियों द्वारा हाल में की गई बैठक में 'जनहित में उचित निर्णय' लेने की बात कहना जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास है।
वीरेन्द्र यादव ने सवाल उठाया कि जब संपत्ति कर में बेतहाशा वृद्धि की गई, तब शासन का हिस्सा रहे जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि आज 'तीन इंजन की सरकार' की बात करने वाले लोग विधिक राय लेने की दुहाई दे रहे हैं, जो इस गंभीर मुद्दे पर हास्यास्पद प्रतीत होता है।
'सर्वदलीय बैठक बुलाकर लिया जाता फैसला'
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सपा नेता ने कहा कि यह ज्वलंत समस्या है, जिससे लगभग 6 लाख परिवार प्रभावित हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं को सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस विषय पर व्यापक चर्चा करनी चाहिए थी। साथ ही राज्य सरकार को अवगत कराकर बढ़े हुए कर को समाप्त कराने की पहल करनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम ने जनता पर लगाए गए बढ़े कर को यथावत बनाए रखने में विरोध का जरा सा भी प्रयास नहीं किया। शासन, प्रशासन, महापौर और 75 पार्षद भाजपा से होने के बावजूद जनता को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
'अविलंब संपत्ति कर समाप्त कर जनता को राहत दें' वीरेन्द्र यादव ने मांग की कि तत्काल बढ़े हुए संपत्ति कर को समाप्त करने की व्यवस्था की जाए और गाजियाबाद की जनता को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के बहकावे से जनता को गुमराह करने का प्रयास न किया जाए।
सपा ने स्पष्ट किया है कि यदि जनता पर आर्थिक बोझ कम नहीं किया गया, तो पार्टी इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन का रास्ता भी अपना सकती है।