इंडिगो विमान की इमरजेंसी जांच शुरू लैंडिंग के दौरान बेली स्ट्राइक का मामला
गोरखपुर : देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो के एक विमान में लैंडिंग के दौरान तकनीकी घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि रनवे पर उतरते समय विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया, जिससे उसके निचले हिस्से में खरोंच के निशान पाए गए। घटना के बाद विमान को सुरक्षा कारणों से ग्राउंडेड कर दिया गया है। विमानन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट लैंडिंग के समय रनवे पर उतर रही थी। इसी दौरान विमान का पिछला हिस्सा जमीन से संपर्क में आ गया। इस तरह की घटना को विमानन भाषा में टेल स्ट्राइक कहा जाता है। इसमें विमान के पिछले हिस्से का निचला भाग रनवे या जमीन से टकरा जाता है। घटना के बाद विमान की जांच की गई तो उसमें कुछ खरोंच के निशान मिले।
घटना के तुरंत बाद विमान को आगे की उड़ानों के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को ग्राउंडेड कर दिया गया। इंजीनियरों की टीम ने विमान की तकनीकी जांच शुरू की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विमान को किसी तरह का गंभीर नुकसान तो नहीं पहुंचा है।
विमानन विशेषज्ञों के मुताबिक, टेल स्ट्राइक जैसी घटनाएं कई कारणों से हो सकती हैं। इनमें पायलट का टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान विमान के कोण को सही तरीके से नियंत्रित न कर पाना, तेज हवा, रनवे की स्थिति या अन्य तकनीकी कारण शामिल हो सकते हैं। हालांकि कई मामलों में विमान को मामूली नुकसान होता है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से जांच बेहद जरूरी होती है।
इंडिगो की ओर से मामले को लेकर आंतरिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विमान के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, फ्लाइट डेटा और पायलट की रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा विमानन नियामक अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी गई है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एयरलाइंस कंपनियां बेहद सतर्क रहती हैं। किसी भी विमान में तकनीकी गड़बड़ी या असामान्य घटना सामने आने के बाद उसे जांच के लिए सेवा से हटाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। जांच पूरी होने और विमान के पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही उसे दोबारा उड़ान के लिए मंजूरी दी जाती है।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों को किसी तरह की चोट नहीं आई। सभी यात्री सुरक्षित रहे। हालांकि इस घटना ने विमान की लैंडिंग प्रक्रिया और सुरक्षा जांच को लेकर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक विमानों में सुरक्षा के कई स्तर होते हैं। किसी भी हिस्से में मामूली नुकसान मिलने पर भी विमान को उड़ान से रोककर उसकी जांच की जाती है, ताकि भविष्य में किसी बड़े खतरे की संभावना को खत्म किया जा सके।
इंडिगो देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइंस कंपनियों में शामिल है और रोजाना बड़ी संख्या में उड़ानों का संचालन करती है। ऐसे में कंपनी के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इस घटना के बाद कंपनी ने एहतियाती कदम उठाते हुए विमान को ग्राउंडेड किया है।
अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि विमान को कितना नुकसान पहुंचा है और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था। फिलहाल विमान सेवा से बाहर है और सुरक्षा जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।